पत्नी के नाम खरीदी जमीन से 10 लाख के पॉपुलर के पेड़ काटने का आरोप, किसान परिवार ने लगाई न्याय की गुहार
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
झबरेड़ा/हरिद्वार। हरिद्वार जनपद के झबरेड़ा क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक किसान ने अपनी पत्नी के नाम खरीदी गई कृषि भूमि से लाखों रुपये मूल्य के पॉपुलर के पेड़ अवैध रूप से कटवाने का आरोप लगाया है। पीड़ित किसान ने इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान सहित संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं परिवार का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन व्यतीत कर रहा है।
पीड़ित किसान मुनेश पुत्र भोपाल के अनुसार उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व ग्राम सुसाडा में अपनी पत्नी के नाम कृषि भूमि खरीदी थी। इस भूमि का विधिवत बैनामा भी उनकी पत्नी के नाम दर्ज है। किसान का कहना है कि उन्होंने खेत में बड़ी मेहनत से पॉपुलर के पेड़ तैयार किए थे, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी जा रही है।
मुनेश का आरोप है कि ग्राम प्रधान सुरेंद्र ने बिना किसी वैधानिक अनुमति और बिना उनकी जानकारी के खेत में खड़े सभी पॉपुलर के पेड़ों को कटवा दिया। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने विरोध जताया और पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। उनका कहना है कि यह न केवल उनकी आर्थिक क्षति है, बल्कि उनकी वर्षों की मेहनत भी एक झटके में बर्बाद हो गई।
पीड़ित किसान ने बताया कि वह कई बार झबरेड़ा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि पुलिस शिकायत के बावजूद मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
वहीं किसान की पत्नी ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने वाले लोग लगातार उनके परिवार को धमका रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की तो कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है।
पीड़ित परिवार ने उत्तराखंड शासन, जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध रूप से काटे गए पॉपुलर के पेड़ों की क्षतिपूर्ति दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
फिलहाल इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस या प्रशासन द्वारा भी इस संबंध में कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है और पीड़ित किसान परिवार को न्याय तथा सुरक्षा कब तक उपलब्ध कराई जाती है।
नोट: यह समाचार पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष या पुलिस का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
