धर्म की आड़ में ठगी का खेल!भोली-भाली जनता को बनाते थे शिकार,हरिद्वार पुलिस ने दबोचे

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

हरिद्वार। धार्मिक नगरी हरिद्वार में आम जनता की आस्था और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले फर्जी बाबाओं के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने साधु-संतों का भेष धारण कर लोगों को गुमराह करने वाले पांच कथित ढोंगी बाबाओं को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी साधु-संतों का वेश धारण कर भोली-भाली जनता की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठा रहे थे। आरोप है कि ये लोग धर्म और आस्था की आड़ में लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धन ऐंठने का कार्य कर रहे थे। विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को उनकी व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं घरेलू समस्याओं का समाधान करने का झांसा देकर भ्रमित किया जाता था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा ऐसे तथाकथित कालनेमि और ढोंगी बाबाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में गुरुवार 25 जून 2026 को कोतवाली नगर क्षेत्र में पुलिस टीम ने अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पांच व्यक्तियों को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के बाद उन्हें बीएनएसएस की धारा 172(2) के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनील पुत्र मुनीर निवासी हरदोई (उत्तर प्रदेश), जोगेंद्र पुत्र नहेस निवासी हरदोई (उत्तर प्रदेश), पारसनाथ पुत्र सोहन निवासी हरदोई (उत्तर प्रदेश), मनोज पुत्र गुल्लू निवासी हरदोई (उत्तर प्रदेश) तथा पूरनमल पुत्र छोटे लाल निवासी रोहतास (बिहार) शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है। कई बार लोग अपनी परेशानियों का समाधान खोजने के लिए इन तथाकथित बाबाओं के संपर्क में आ जाते हैं और आर्थिक एवं मानसिक रूप से ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए हरिद्वार पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
कोतवाली नगर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साधु या बाबा बनकर चमत्कार दिखाने, समस्याओं का त्वरित समाधान कराने, बीमारी ठीक करने या अन्य प्रकार के झूठे दावे कर धन की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धर्म और आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की ठगी या लोगों को गुमराह करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को धार्मिक नगरी की गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं को ठगी से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस ने भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रखने की बात कही है ताकि समाज में फैले ढोंग और अंधविश्वास पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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