संस्थापक अमित सैनी के नेतृत्व में भंडारे और प्रसाद का भव्य आयोजन, बड़े मंगलवार पर श्रद्धालुओं ने लिया बजरंगबली का आशीर्वाद

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की। बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर श्री हनुमंत आस्था धाम में भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से देर शाम तक चले धार्मिक कार्यक्रमों में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान 108 हनुमान चालीसा पाठ, विशेष हवन-पूजन, जलाभिषेक, आरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। पूरे धाम परिसर में जय श्री राम और जय बजरंगबली के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्री हनुमंत आस्था धाम के संस्थापक एवं एसके सैनी आस्था हेल्प फाउंडेशन के चेयरमैन अमित सैनी ने बताया कि वर्ष 2016 से प्रत्येक मंगलवार को सुंदरकांड पाठ और प्रसाद वितरण का आयोजन लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में जहां लगभग 100 श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल होते थे, वहीं आज हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। यह सब भगवान हनुमान की कृपा और श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कलयुग में हनुमान जी को संकटमोचक और सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवता माना जाता है।
अमित सैनी ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि उन्हें नशे और बुरी आदतों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भक्ति से बड़ा कोई नशा नहीं है। मंदिर में आने वाले युवाओं को सनातन परंपराओं का सम्मान करते हुए धार्मिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुबह पांच बजे से कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें चोला चढ़ाने, हनुमान चालीसा पाठ, अभिषेक, सुंदरकांड पाठ, 108 हनुमान चालीसा पाठ और हवन के साथ विशेष आहुतियां दी गईं।
आस्था हेल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष सुदेश सैनी ने बताया कि संस्थापक अमित सैनी के नेतृत्व में वर्षों पहले छोटे स्तर पर शुरू किया गया यह धार्मिक अभियान आज विशाल स्वरूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां आते हैं और प्रभु श्रीराम तथा हनुमान जी की कृपा से यह आयोजन निरंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह से शुरू हुए कार्यक्रम का समापन शाम सात बजे पूर्णाहुति के साथ हुआ, जिसके बाद आरती और प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं को हलवा तथा कड़ी-चावल का प्रसाद वितरित किया गया।
श्री हनुमंत आस्था धाम के महंत विश्वास आनंद ने कहा कि बड़े मंगलवार का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने बताया कि 108 हनुमान चालीसा पाठ और विशेष पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। हजारों भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि धाम में समय-समय पर धार्मिक, सामाजिक और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भविष्य में निर्जला एकादशी पर मीठे जल का प्याऊ, गरीब कन्याओं के विवाह, रामकथा, भागवत कथा सहित कई धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
महंत विश्वास आनंद ने कहा कि धर्म मनुष्य को सही मार्ग पर चलना सिखाता है और सभी लोगों को अपने धर्म के प्रति समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति का प्रभाव देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बढ़ रहा है, जो गर्व का विषय है। उन्होंने युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों से सनातन धर्म की रक्षा और उसके आदर्शों का पालन करने का आह्वान किया।

 

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