लखनऊ त्रासदी से सबक, रुड़की के कोचिंग और लाइब्रेरी केंद्रों में सुरक्षा का रियलिटी चेक
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 24 जून। अग्नि सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करने के उद्देश्य से फायर स्टेशन रुड़की द्वारा मंगलवार को विशेष फायर ऑडिट अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हरिद्वार के आदेशानुसार तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी हरिद्वार के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व प्रभारी अग्निशमन अधिकारी रुड़की ने किया।
अभियान के तहत रुड़की क्षेत्र में संचालित विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी केंद्रों का निरीक्षण किया गया। फायर विभाग की टीम ने एस.एस. क्लासेस रामनगर, रिनाउन क्लासेस रामनगर, चाणक्य क्लासेस वसंत विहार मकतूलपुरी, छाया कोचिंग सेंटर रामनगर तथा ग्लोबल लाइब्रेरी (हेमंत हॉस्पिटल के निकट) का फायर ऑडिट किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने संस्थानों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन यंत्रों की कार्यशीलता तथा आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं का गहन परीक्षण किया। अधिकारियों ने संस्थान संचालकों को निर्देशित किया कि सभी सुरक्षा उपकरणों का नियमित रखरखाव किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
फायर विभाग की टीम ने निरीक्षण के साथ-साथ वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भी अग्नि सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। छात्रों को बताया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखना चाहिए और तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर निकलना चाहिए। उन्हें अग्निशमन यंत्रों के उपयोग की विधि, आपातकालीन नंबरों की जानकारी तथा प्राथमिक बचाव उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी केंद्रों में अध्ययन कर रहे हैं। ऐसे में इन स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए संस्थानों में पर्याप्त अग्निशमन संसाधन और सुरक्षित निकासी व्यवस्था होना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि फायर ऑडिट अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल कमियों को चिन्हित करना नहीं, बल्कि संस्थान संचालकों और छात्रों को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना भी है। विभाग समय-समय पर ऐसे अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करता रहता है।
अभियान के दौरान छात्रों ने भी अग्नि सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया। फायर विभाग की ओर से छात्रों को यह संदेश दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति में सतर्कता, सही जानकारी और त्वरित कार्रवाई ही बड़े हादसों को टाल सकती है।
फायर विभाग के इस विशेष अभियान को छात्रों, शिक्षकों और संस्थान संचालकों ने सराहा तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। अधिकारियों ने कहा कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।
