ईद-उल-अज़हा पर सपा प्रदेश सचिव समीर आलम की अपील, बोले- भाईचारे के साथ मनाएं त्योहार, धार्मिक भावनाओं का रखें ख्याल

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

देहरादून/रुड़की। ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद) के अवसर पर समाजवादी Party के प्रदेश सचिव समीर आलम ने प्रदेशवासियों और क्षेत्रवासियों को दिली मुबारकबाद देते हुए सभी से आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अज़हा त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज को एकता और प्रेम की सीख देता है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को मिलजुल कर इस त्योहार को मनाना चाहिए ताकि प्रदेश में सामाजिक सद्भाव और भाईचारा मजबूत हो सके।
समीर आलम ने लोगों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी से जुड़ी वीडियो और फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री डालने से कई बार अन्य धर्मों के लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, जिससे समाज में अनावश्यक विवाद और तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा दूसरे धर्मों और उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।
वहीं देहरादून में आशारोड़ी चौकी पर कुर्बानी के बकरों को रोके जाने की घटना पर भी समीर आलम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर धर्म और समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अज़हा का त्योहार कोई नई परंपरा नहीं है, बल्कि यह वर्षों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।
समीर आलम ने कहा कि उत्तराखंड हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की मिसाल रहा है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इस माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहारनपुर से देहरादून जा रहे कुर्बानी के बकरों को रास्ते में रोकने का काम किया गया, जिससे मुस्लिम समाज में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने इस पूरी घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
सपा नेता ने मुख्यमंत्री और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह भी जांच करनी चाहिए कि माहौल खराब करने वाले लोग उत्तराखंड के निवासी हैं या बाहरी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने इस मामले पर उचित कदम नहीं उठाए तो समाजवादी पार्टी और मुस्लिम समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
अंत में समीर आलम ने मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों और सामाजिक संगठनों से भी इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए तथा प्रदेश में शांति और भाईचारे का वातावरण बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।

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