धमकियों से परेशान नाबालिग ने उठाया खौफनाक कदम, स्टील के टुकड़े से की हत्या
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। कोतवाली रुड़की क्षेत्र स्थित अनमोल जीवन समिति नशा मुक्ति केंद्र में युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि केंद्र में भर्ती एक 15 वर्षीय नाबालिग ने ही युवक की हत्या की थी। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, 13 मई 2026 को डायल 112 के माध्यम से कोतवाली रुड़की पुलिस को सूचना मिली कि ढंडेरी ख्वाजगीपुर स्थित अनमोल जीवन समिति नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने देखा कि युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और आसपास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर तत्काल घटनास्थल को सुरक्षित कराया गया। फील्ड यूनिट टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। वहीं एसपी ग्रामीण और सीओ रुड़की ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी ली।
मृतक की पहचान आशीष के रूप में हुई। पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र में रह रहे अन्य लोगों से पूछताछ की तो जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, मृतक की हत्या उसी केंद्र में रह रहे एक 15 वर्षीय नाबालिग ने की थी।
पूछताछ में सामने आया कि मृतक आशीष अक्सर नाबालिग के साथ गाली-गलौज करता था और उसे मारपीट की धमकी देता था। इसी बात से परेशान होकर नाबालिग ने गुस्से में आकर स्टील के नुकीले टुकड़े से हमला कर दिया, जिससे आशीष की मौत हो गई।पुलिस ने आरोपी नाबालिग को नियमानुसार संरक्षण में ले लिया है। मामले में नवीन गौतम निवासी बसेड़ी खादर, कोतवाली लक्सर की तहरीर के आधार पर कोतवाली रुड़की में मुकदमा अपराध संख्या 202/2026 धारा 103/3(5) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
घटना के दौरान इस्तेमाल किया गया स्टील का नुकीला टुकड़ा, एक मफलर तथा आरोपी नाबालिग के कपड़े पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। इस पूरे मामले के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेंद्र राठी, उपनिरीक्षक नवीन चौहान, अपर उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह राठी, हेड कांस्टेबल दिनेश गुप्ता, हेड कांस्टेबल नूर मलिक और कांस्टेबल लईक अहमद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
