उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पुनर्गठन को मिली नई दिशा, मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में हुआ भव्य मिलन समारोह
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पुनर्गठन को मिली नई दिशा, मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में हुआ भव्य मिलन समारोह
रुड़की। उत्तरांचल पंजाबी महासभा द्वारा एक भव्य सभा एवं मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने की। कार्यक्रम में प्रदेशभर से पंजाबी समाज के गणमान्य लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर समाज की एकजुटता और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तरांचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष राजीव घई द्वारा कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा का पगड़ी, माला और प्रभु श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर स्वागत करने से हुई। अपने स्वागत संबोधन में राजीव घई ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करते हुए महासभा के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी सदन के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि समय की आवश्यकता है कि पंजाबी समाज संगठित होकर सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाए।
इस अवसर पर शिव अरोरा ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे प्रदेश का पंजाबी समाज इस बात से गौरवान्वित है कि प्रदीप बत्रा को उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री का दायित्व मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। शिव अरोरा ने कहा कि विभाजन के दौरान पंजाबी समाज द्वारा दिए गए बलिदानों को मान्यता देते हुए 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ के रूप में मनाया जाना समाज के सम्मान की बात है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति समाज कृतज्ञ है।
राज्यमंत्री विश्वास डाबर ने पंजाबी समाज की एकजुटता पर बल देते हुए समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी। वहीं दर्जा राज्यमंत्री दिनेश मानसेरा, दिलजीत सिंह सोढ़ी, दीपक बाली और डी एस मान सहित अन्य वक्ताओं ने पंजाबी संस्कृति के संरक्षण और समाज की मजबूती पर अपने विचार रखे।
सभा में गदरपुर प्रमुख प्रीत ग्रोवर, चिकित्सक डॉ. प्रदीप अदलखा, समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा, राजकुमार फुटेला, उद्यमी वीरेंद्र चड्ढा, भाजपा प्रवक्ता गुरविंदर चंडोक, रुड़की से सुभाष सरीन, अंजू कक्कड़, जसपुर से त्रिलोक चंद्र अरोरा सहित प्रदेशभर से बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि पंजाबी समाज अपनी मेहनत, संघर्ष और लगन के लिए जाना जाता है तथा समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है। उन्होंने उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पुनर्गठन के प्रस्ताव पर अपनी सहमति देते हुए कहा कि समाज को नई दिशा देने के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से पंजाबी समाज के विधायकों और मेयरों की एक संरक्षक समिति तथा सात सदस्यीय समिति के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। इस समिति में करण मल्होत्रा, हरीश जल्होत्रा, राजीव सच्चर, डी एस मान, राजकुमार फुटेला, दिनेश मानसेरा और राज ओबेरॉय को शामिल किया गया। यह समिति महासभा के पुनर्गठन और आगामी गतिविधियों की रूपरेखा तय करेगी।
अपने संबोधन के अंत में प्रदीप बत्रा ने कहा कि आज की यह बैठक समाज में एकता, विकास और सकारात्मक सोच की नई गंगा प्रवाहित करेगी, जो न केवल पंजाबी समाज बल्कि अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। उन्होंने स्वयं को समाज के प्रति समर्पित बताते हुए अपने आवास को “पंजाबी भवन” की संज्ञा दी और सभी से समाजहित में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।

