रुड़की में पैतृक जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप, किसान ने फायरिंग और धमकी का लगाया आरोप
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। रुड़की क्षेत्र में एक बुजुर्ग किसान द्वारा भूमाफियाओं पर पैतृक जमीन कब्जाने, धमकी देने और फायरिंग करने के आरोप लगाए जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। 70 वर्षीय किसान ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसान का कहना है कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कुछ प्रभावशाली लोग उसकी पुश्तैनी भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खंजरपुर निवासी अशोक कुमार ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि मौजा मल्कपुर लतीफपुर स्थित खसरा नंबर 167, 168, 175/1 और 175/2 की भूमि उनके परिवार की पैतृक संपत्ति है। इस जमीन पर उनका परिवार वर्षों से खेती करता आ रहा है। भूमि पर ट्यूबवेल, कमरा और बिजली कनेक्शन भी उनके परिवार के नाम पर दर्ज हैं। किसान का कहना है कि गांव के कुछ लोगों ने अपनी जमीन बाहरी व्यक्तियों को बेचने का समझौता किया है, जिसके बाद अब उनकी भूमि पर भी अवैध कब्जे की कोशिश शुरू कर दी गई है।
शिकायत में योगेश पुत्र ऋषिपाल, कमल किशोर, आनंद सिंह बिष्ट, वीरेंद्र जाटी और अनीस समेत कई लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। अशोक कुमार का आरोप है कि सभी लोग आर्थिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं तथा आपस में मिलकर उनकी जमीन पर कब्जा करने की योजना बना रहे हैं। किसान ने कहा कि आरोपियों ने करीब 50 मीटर चौड़ाई और 250 मीटर गहराई तक भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की और इसके लिए जमीन की निशानदेही कर नींव की खुदाई तक शुरू करा दी।
किसान का आरोप है कि कब्जे की कोशिश के दौरान खेत में खड़े लगभग 15 से 20 पुराने शीशम और पॉपलर के पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही ट्यूबवेल और कमरे पर भी कब्जा करने की कोशिश की गई। अशोक कुमार के अनुसार जब उन्होंने 20 फरवरी 2026 की शाम मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि योगेश नामक व्यक्ति ने मौके पर फायरिंग भी की। उस समय कई ग्रामीण मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने घटना को देखा।
पीड़ित किसान ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि आरोपियों के पास संबंधित भूमि का कोई वैध बैनामा या कानूनी दस्तावेज मौजूद नहीं है, इसके बावजूद दबंगई और राजनीतिक संरक्षण के दम पर जमीन कब्जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कुछ लोगों पर बेनामी संपत्ति के जरिए अवैध सौदेबाजी करने का भी आरोप लगाया है।
अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने पहले इस पूरे मामले की शिकायत कोतवाली सिविल लाइन रुड़की में भी दी थी, लेकिन वहां से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो विवाद गंभीर रूप ले सकता है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
