गंगा तट पर भव्य आरती, 16 सिविल लाइन्स RWA ने दिया एकता और श्रद्धा का संदेश

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 22 अप्रैल 2026।
16 सिविल लाइन्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) द्वारा क्षेत्र के निवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना को लेकर गंगा तट पर एक भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में लगभग 50 से 55 निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए माँ गंगा के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की।
सांध्यकाल में आयोजित इस कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र और भक्तिमय रहा। गंगा किनारे सजे दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उपस्थित श्रद्धालु इस दिव्य अनुभव में डूबे नजर आए और उन्होंने सामूहिक रूप से क्षेत्र की खुशहाली, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
कार्यक्रम का एक भावुक पहलू तब सामने आया जब पहलगाम के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवारों को इस कठिन समय में साहस प्रदान करने की कामना की। इस दौरान सभी के चेहरे पर संवेदना और एकजुटता का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।
इस अवसर पर सनातन धर्म की महान परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का भी स्मरण किया गया। वक्ताओं ने धर्म के मूल्यों और उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए समाज में नैतिकता, सद्भाव और एकता बनाए रखने का संदेश दिया। इस चर्चा ने उपस्थित लोगों में आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी प्रबल किया।
कार्यक्रम में RWA के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। अध्यक्ष श्री शीतल मेंहदीरत्ता, सचिव श्रीमती सुरभि गोयल, कोषाध्यक्ष श्री अरविंद माथुर और उपाध्यक्ष श्री विनीत जैन सहित अन्य सदस्यों एवं उनके परिवारों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सुव्यवस्थित और यादगार बनाया।
RWA पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया, ताकि क्षेत्र के लोगों को एक मंच पर लाकर सामुदायिक भावना को और सुदृढ़ किया जा सके।
कुल मिलाकर, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का कार्य किया। गंगा आरती के माध्यम से लोगों ने जहां आध्यात्मिक शांति प्राप्त की, वहीं आपसी भाईचारे और एकता का भी सशक्त संदेश दिया।






