श्री ओम यूनिवर्सिटी में 16वां रक्तदान शिविर का आयोजन, बीएमएस, फार्मेसी, नर्सिंग छात्रों ने बढ़चढकर किया रक्तदान

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। सामाजिक उत्तरदायित्व और मानव सेवा की भावना को साकार करते हुए श्री ओम यूनिवर्सिटी में 16वां रक्तदान शिविर बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस शिविर में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों के लिए मिसाल पेश की।
रक्तदान शिविर में बीएमएस, फार्मेसी, नर्सिंग और पैरामेडिकल विभाग के विद्यार्थियों की विशेष भागीदारी देखने को मिली। छात्रों ने पूरे जोश और सेवा भाव के साथ रक्तदान किया, जिसके परिणामस्वरूप इस शिविर में लगभग 70 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। यह रक्त भविष्य में आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा। शिविर का आयोजन पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से किया गया, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.पी. पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि “रक्तदान महादान है और यह एक ऐसा कार्य है, जो किसी के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाता है।” उन्होंने बताया कि रक्तदान से न केवल जरूरतमंदों की मदद होती है, बल्कि यह दान करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। नियमित रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और कई प्रकार की बीमारियों से बचाव में भी मदद मिलती है।
डॉ. पाण्डेय ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2010 से लेकर 2026 तक विश्वविद्यालय में निरंतर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल संस्थान की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है और भविष्य में भी इस तरह के जनहितकारी कार्यक्रम जारी रहेंगे। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए, ताकि समाज में रक्त की कमी को दूर किया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि श्री ओम यूनिवर्सिटी में शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यहां समय-समय पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्रों में सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
इस अवसर पर फार्मेसी के प्रिंसिपल डॉ. दीपक, डॉ. तृप्ति, डॉ. बी.के. अंबास्ता, डॉ. सुशील चौधरी, प्रमोद सहित विश्वविद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक ऊर्जा और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ, जिसने सभी को प्रेरित किया कि वे भविष्य में भी इस प्रकार के पुनीत कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लें।






