कुंभ मेला–2027: देव डोलियों की भव्य शोभायात्रा और गंगा स्नान की तैयारियां तेज

कुंभ मेला–2027: देव डोलियों की भव्य शोभायात्रा और गंगा स्नान की तैयारियां तेज
हरिद्वार, 27 मार्च 2026। आगामी कुंभ मेला–2027 को लेकर हरिद्वार में तैयारियां तेज हो गई हैं। विशेष रूप से उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली देव डोलियों की भव्य शोभायात्रा और गंगा स्नान को इस बार प्रमुख आकर्षण बनाने की दिशा में मेला प्रशासन सक्रिय रूप से जुट गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर इस आयोजन को सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भव्य रूप देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और आस्था का साक्षात्कार कर सकें।
इसी क्रम में शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन, हरिद्वार में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में देव डोलियों की शोभायात्रा और गंगा स्नान से संबंधित व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों, लोक संस्कृति से जुड़ी समितियों के पदाधिकारियों, मेला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान शोभायात्रा की तिथि, आवागमन मार्ग, ठहराव स्थल, सुरक्षा व्यवस्था और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि देव डोलियों की शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश की लोक आस्था, रीति-रिवाज और परंपराएं वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित होंगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
लैंसडाउन क्षेत्र के विधायक दिलीप रावत ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार इस आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रहे। साथ ही, देव डोलियों के प्रतिनिधियों और शोभायात्रा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में कार्यक्रम के समन्वय के लिए अलग-अलग संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। देव डोलियों के आगमन से पूर्व संबंधित क्षेत्रों और समितियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जाएगा, ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके। शुभ मुहूर्त के आधार पर शोभायात्रा और स्नान की तिथियों का निर्धारण किया जाएगा।
इसके अलावा, हरिद्वार में देव डोलियों के स्वागत के अवसर पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इससे कुंभ मेले की आध्यात्मिकता के साथ-साथ सांस्कृतिक विविधता की झलक भी देखने को मिलेगी।
अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने कुंभ मेला–2027 की तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक जे.आर. जोशी सहित कई अधिकारी और देवभूमि लोक संस्कृति से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, कुंभ मेला–2027 को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रशासन और सरकार पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रही है, जिससे श्रद्धालुओं को एक दिव्य और यादगार अनुभव मिल सके।






