रुड़की और भगवानपुर में प्राधिकरण की ताबड़तोड़ कार्यवाही,7 अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर,भू-माफियाओं में मचा हड़कंप

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रुड़की-हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने एक बार फिर व्यापक अभियान चलाकर कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की। उपाध्यक्ष सोनिका के नेतृत्व में गठित सचल दस्ते ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचकर जेसीबी मशीनों के जरिए अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से जहां भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया, वहीं कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।






यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण और अवैध प्लॉटिंग पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। अधीक्षण अभियंता राजन सिंह के निर्देशन में प्राधिकरण की टीम ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर रही है, जहां नियमों की अनदेखी कर अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं।
अभियान के दौरान भगवानपुर क्षेत्र में कई अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया गया। मुख्य बाजार में जोनी की लगभग 5-6 बीघा भूमि पर विकसित कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इसके अलावा लाव्वा रोड पर मागेराम चौहान की 7-8 बीघा भूमि और “सिल्वर सिटी” के नाम से करीब 8 बीघा में हो रही अवैध अर्थ फिलिंग पर भी कड़ी कार्रवाई की गई।
इसी क्रम में क्वांटम यूनिवर्सिटी के पास राहुल सैनी द्वारा विकसित की जा रही “सन सिटी” कॉलोनी, जो करीब 38-40 बीघा क्षेत्र में फैली हुई थी, पर भी बड़ा बुलडोजर अभियान चलाया गया। वहीं पास में ही नवीन खुराना की 6-7 बीघा भूमि पर विकसित कॉलोनी को भी ध्वस्त कर दिया गया। भगवानपुर हाईवे पर एक होटल के समीप 5-6 बीघा क्षेत्र में बनाई गई कॉलोनी और भलस्वागाज क्षेत्र में धीरज राणा की 4-5 बीघा भूमि पर विकसित कॉलोनी पर भी प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की।
प्राधिकरण की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों और भू-माफियाओं में भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि, इसके बावजूद अवैध निर्माण की गतिविधियां पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं। इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने उन लोगों पर भी सख्ती दिखाई, जो मिट्टी की संरचनाएं बनाकर विभाग को गुमराह कर रहे थे। बिना प्लॉटिंग के स्पष्ट निशान के ये लोग खुलेआम प्लॉट बेच रहे थे। सचल दस्ते ने मौके पर पहुंचकर ऐसी सभी मिट्टी की संरचनाओं को भी जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया।
उपाध्यक्ष सोनिका ने स्पष्ट कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं अधीक्षण अभियंता राजन सिंह ने भी दोहराया कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस अभियान में कनिष्ठ अभियंता पंकज शर्मा, मोनू सहित सचल दस्ते के सदस्य प्रखर अग्रवाल, उज्जवल शर्मा, शुभम सैनी और अन्य कर्मचारी शामिल रहे। प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि अवैध कॉलोनियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके और शहर का विकास नियमानुसार सुनिश्चित किया जा सके।






