चमन लाल महाविद्यालय में पहुँचे पूर्व मुख्यमंत्री का हुआ ज़ोरदार स्वागत, शोधार्थियों को सम्मान और शिक्षा विकास पर ज़ोर

(ब्योरो।दिलशाद खान।KNEWS18)
लंढौरा। चमन लाल महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सत्र बड़े ही गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने संबोधन में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के निर्णय को देशहित में अनिवार्य और ऐतिहासिक बताया।
उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। पहले यह आशंका जताई जाती थी कि इस निर्णय के बाद हालात बिगड़ जाएंगे और हिंसा बढ़ेगी, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत रही। आज कश्मीर में अमन-चैन है, नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हो रहे हैं और केंद्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ वहां के लोगों तक पहुंच रहा है।डॉ. निशंक ने कहा कि कश्मीर अब तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर आज एक उभरते हुए क्षेत्र के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है, जो देश की एकता और अखंडता का मजबूत प्रतीक है।अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कोविड-19 महामारी का भी उल्लेख किया और इस कठिन समय में शिक्षकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारियों का उत्कृष्ट निर्वहन किया, जिससे शिक्षा व्यवस्था में कोई बड़ी बाधा नहीं आई। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें व्यवहारिकता का समावेश होना आवश्यक है, जिससे विद्यार्थी जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना कर सकें।
उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि एक देश में दो संविधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं हो सकते। यह विचार भारत की एकता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने भारत के लोकतंत्र को मजबूत और सशक्त बताते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि वहां का लोकतंत्र अस्थिर नजर आता है, जबकि भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और इस प्रकार की संगोष्ठियों को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।चमन लाल महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राम कुमार शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय संगोष्ठियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन छात्रों को न केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें समसामयिक विषयों की गहरी समझ भी देते हैं। शर्मा ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों के साथ संवाद से छात्रों को नए विचार और दृष्टिकोण मिलते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया, जिससे छात्र समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकें। महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने ऐसे आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि इससे छात्रों को नए विचारों और ज्ञान का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलता है।संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. निशु कुमार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. संजीव शर्मा और प्रोफेसर एम.एम. सेमवाल की विशेष भूमिका रही। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।









