शिकारपुर में चला प्रशासन का बुलडोजर, 7 बीघा सरकारी भूमि अतिक्रमण से मुक्त

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की/हरिद्वार: माननीय मुख्यमंत्री के “अतिक्रमण मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन को धरातल पर उतारते हुए जनपद हरिद्वार में प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित के निर्देशन में तहसील रूड़की क्षेत्र के ग्राम शिकारपुर में राजस्व विभाग की टीम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान करीब 7 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लंबे समय से ग्राम शिकारपुर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने मौके पर टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसीलदार रूड़की (NT), राजस्व निरीक्षक मंगलौर और क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षक (RSI) की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
अभियान के दौरान प्रशासन की टीम ने मौके पर मौजूद अवैध निर्माण और कब्जों को हटाते हुए भूमि को खाली कराया। इस दौरान आवश्यक मशीनरी और पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और आसपास के लोगों में भी जागरूकता देखने को मिली।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि जनपद में लगातार चलाया जा रहा एक व्यापक अभियान है, जिसका उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और उसका सही उपयोग सुनिश्चित करना है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी अवैध कब्जे की सूचना मिल रही है, वहां तुरंत टीम भेजकर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का यह भी कहना है कि सरकारी भूमि को संरक्षित करना प्राथमिकता में शामिल है, ताकि भविष्य में इन जमीनों का उपयोग जनहित के कार्यों जैसे स्कूल, अस्पताल, सड़क या अन्य विकास परियोजनाओं में किया जा सके।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें और यदि कहीं अवैध कब्जा दिखाई देता है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।






