सनातन परंपराओं के संरक्षण की दिशा में पहल, ‘त्योहरावली’ का भव्य विमोचन

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। श्री सनातन धर्म रक्षणी सभा द्वारा आज एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सभा द्वारा प्रकाशित वार्षिक ‘त्योहरावली’ का विधिवत विमोचन किया गया। यह आयोजन श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पदाधिकारी और मंदिर के पुजारी उपस्थित रहे।
सभा द्वारा प्रकाशित यह ‘त्योहरावली’ केवल एक साधारण कैलेंडर नहीं, बल्कि सनातन धर्म की समृद्ध परंपराओं, व्रतों और पर्वों की विस्तृत जानकारी का एक महत्वपूर्ण संकलन है। इसे न केवल सभा के मंदिरों में, बल्कि क्षेत्र के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी वितरित किया जाएगा, ताकि आम जनमानस तक धार्मिक तिथियों और परंपराओं की सटीक जानकारी पहुंच सके।
इस अवसर पर सभा के प्रधान सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि “त्योहरावली का प्रकाशन हमारी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का एक विनम्र प्रयास है। हमारा उद्देश्य है कि हर घर तक धर्म की सही जानकारी पहुंचे। यह केवल तिथियों की सूची नहीं, बल्कि हमारी धार्मिक विरासत का दर्पण है।”
सभा के मंत्री सौरव भूषण शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि श्री सनातन धर्म रक्षणी सभा सदैव धर्म के ध्वज को ऊंचा रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि “‘त्योहरावली’ का विमोचन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज को एक सूत्र में जोड़ने के लिए धार्मिक पर्वों की सही जानकारी अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकाशन के माध्यम से हम धार्मिक चेतना को जागृत करने का कार्य करेंगे और ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ के सिद्धांत को साकार करने का प्रयास करेंगे।”
कोषाध्यक्ष भगवत स्वरूप ने समाज के सहयोग को इस कार्य की सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही इस प्रकार के धार्मिक आयोजन संभव हो पाते हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि ‘त्योहरावली’ की गुणवत्ता उच्च स्तर की हो, ताकि यह पूरे वर्ष श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में सहायक सिद्ध हो सके।
कार्यक्रम में मुख्य पुजारी पंडित रोहित शर्मा ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार तिथियों और नक्षत्रों का सही ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। यह ‘त्योहरावली’ भक्तों को पूजा-पाठ और शुभ मुहूर्त निर्धारण में विशेष सहायता प्रदान करेगी। वहीं, पंडित सचिन शर्मा ने युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकाशन के माध्यम से युवा पीढ़ी को सनातन धर्म के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सभा के सदस्यों द्वारा उपस्थित अतिथियों को ‘त्योहरावली’ की प्रतियां भेंट की गईं। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “धर्म की जय हो” के उद्घोष से गूंजता रहा, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। यह पहल निश्चित रूप से समाज में धार्मिक जागरूकता और एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






