February 13, 2026

विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण के विरोध में रुड़की में अधिकारियों-कर्मचारियों का धरना, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की, 12 फरवरी 2026। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी–कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आज विद्युत वितरण मंडल, रुड़की के कार्यालय परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 10 फरवरी 2026 को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में आयोजित किया गया। मोर्चा द्वारा 7 जनवरी 2026 को ऊर्जा के तीनों निगमों के प्रबंधन को भेजे गए पत्र में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
धरने का मुख्य विषय विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण के प्रस्ताव, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज से जुड़े मुद्दे, विद्युत सुधार अधिनियम-2025 तथा जल विद्युत परियोजनाओं की भूमि को अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए दिए जाने का विरोध रहा। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि विभागीय भूमि को निजी कंपनियों को सौंपना और वितरण कंपनियों का निजीकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धरने की अध्यक्षता उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्री देवेंद्र कुमार शर्मा ने की, जबकि सभा का संचालन श्री दीपक शांडिल्य ने किया। सभा में मोर्चा से जुड़े विभिन्न संगठनों—हाइड्रो इलेक्ट्रिक एम्प्लाइज यूनियन, उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ, विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ, पावर लेखा संघ, विद्युत ऊर्जा आरक्षित वर्ग एसोसिएशन तथा उत्तराखंड पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन और विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन—के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया।
उत्तराखंड पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन से ईं. विवेक राजपूत, ईं. अनिल मिश्रा, ईं. आयुष तोमर, ईं. विनोद पांडेय और ईं. अनुप सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि विभागीय संसाधनों का निजीकरण कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए, न कि उसे कमजोर करने की।
उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र दत्त शर्मा ने सभी कर्मचारियों से एकजुट होकर अपनी न्यायोचित मांगों के समर्थन में आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। हाइड्रो इलेक्ट्रिक एम्प्लाइज यूनियन की ओर से श्री मतीउल्ला खां ने कहा कि श्रमिकों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ के सुनील कुमार मोघा ने भी कर्मचारियों से संगठन की ताकत को बनाए रखने की अपील की।
सभा में भारतीय किसान यूनियन (रोड) के प्रदेश अध्यक्ष  संजीव कुशवाह, प्रदेश महामंत्री प्रदीप त्यागी, विकास सैनी, काजी शहजाद, विक्रम, प्रवीण कुशवाह सहित अनेक पदाधिकारियों ने पहुंचकर मोर्चा की मांगों को समर्थन दिया। बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाया।
अंत में सभा अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो मोर्चा व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कर्मचारियों ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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