मंगलौर में 24 घंटे के भीतर पोक्सो आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
मंगलौर (हरिद्वार)। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने नाबालिग बच्चे के साथ दुष्कर्म के गंभीर आरोप में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सराहनीय कार्य किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलौर निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली मंगलौर में शिकायती प्रार्थनापत्र देकर मुनत्याज उर्फ बिल्डर नामक व्यक्ति पर अपने नाबालिग बेटे के साथ शारीरिक शोषण और दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने बच्चे के साथ आपत्तिजनक कृत्य किया, जिससे परिवार गहरे सदमे में है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया।
चूंकि मामला नाबालिग से संबंधित था, इसलिए पुलिस ने इसे अत्यंत संवेदनशील मानते हुए प्राथमिकता के आधार पर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र का सहारा लेते हुए लगातार तलाश जारी रखी।
पुलिस की सक्रियता और तत्परता का परिणाम रहा कि घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर, दिनांक 11 फरवरी 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुनत्याज उर्फ बिल्डर पुत्र नूर हसन, निवासी पीरपुरा, कोतवाली मंगलौर, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक वाजिंदर नेगी, कांस्टेबल विनोद वर्तवाल और होमगार्ड मैनपाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की तत्परता की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि ऐसे मामलों की समय रहते पहचान की जा सके।
मंगलौर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास मजबूत हुआ है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे जघन्य अपराधों के विरुद्ध सख्त कदम आगे भी जारी






