भागवत कथा के श्रवण से दूर होते हैं जीवन के कष्ट, श्रीकृष्ण भक्ति ही मुक्ति का मार्ग : पंडित मनोज सेमवाल
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की। मां दुर्गा मंदिर आदर्श नगर कॉलोनी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत समापन श्रद्धा और भक्तिभाव के वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर कथा का श्रवण किया। इस दौरान पूरा वातावरण श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कथा के समापन अवसर पर कथावाचक पंडित मनोज सेमवाल ने श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण विशेष पुण्यदायी माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण, उनकी भक्ति और उनके बताए मार्ग पर चलना मानव जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्य, सेवा, सदाचार और परोपकार को अपनाते हुए निरंतर ईश्वर की भक्ति में लीन रहना चाहिए।
पंडित मनोज सेमवाल ने कहा कि आज के भौतिकवादी जीवन में मनुष्य अनेक प्रकार की चिंताओं और परेशानियों से घिरा रहता है। ऐसे समय में धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से मन को शांति मिलती है। श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ का श्रवण नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली आध्यात्मिक यात्रा है। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं मनुष्य को कर्म, धर्म, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में भगवान का स्मरण करने के साथ-साथ जरूरतमंदों की सेवा करें और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा सद्भाव को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें मनुष्य के आचरण में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे।
कथा के समापन अवसर पर पूर्व मेयर गौरव गोयल भी मां दुर्गा मंदिर पहुंचे और कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में श्रीमद् भागवत कथा का विशेष महत्व है। कथा के श्रवण से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है और उसे जीवन में सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार, सेवा, एकता और आपसी भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और भक्तिमय वातावरण में कथा का आनंद लिया। कथा के समापन के बाद विधि-विधान से धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया, जिसे भक्तों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।
कार्यक्रम में व्यापारी नेता प्रवीण मेहंदीरत्ता, किरण सेठी, रीना सेठी, सुशील तोमर, राजीव भारद्वाज, नीरज शर्मा, सुखपाल सिंह, इंद्रपाल, ममता शर्मा, शीतल शर्मा, पूजा, वीना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कथा के सफल समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को जारी रखने की बात कही।
