कुंभ-2027 के नाम पर ‘रीवर्क मॉडल’ पर जन अधिकार पार्टी ने उठाए सवाल, जनता के पैसे की बर्बादी का मांगा हिसाब
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
हरिद्वार। कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में चल रहे विकास कार्यों पर जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने सवाल उठाए हैं। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी ने आरोप लगाया कि शहर में विकास कार्यों के नाम पर ऐसा मॉडल सामने आ रहा है, जिसमें पहले निर्माण किया जाता है, उसके बाद आपत्ति सामने आती है और फिर निर्माण को तोड़कर दोबारा काम कराया जाता है। उन्होंने इसे सरकारी ‘रीवर्क प्रोजेक्ट’ का मॉडल बताते हुए जनता के पैसे की बर्बादी पर जवाब मांगा है।
हेमा भण्डारी ने कहा कि विकास कार्यों पर सवाल उठाना विकास का विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कुंभ-2027 हरिद्वार के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है और इस आयोजन की तैयारियों के नाम पर होने वाले निर्माण कार्य शहर को लंबे समय तक बेहतर बनाने की दिशा में होने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आज बनाए जा रहे निर्माण को कल तोड़कर दोबारा बनाना पड़े, तो इसे योजनाबद्ध विकास कैसे माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि शहर में कई स्थानों पर सड़क, फुटपाथ, सीवरेज और ड्रेनेज से जुड़े कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सड़क बनाने के बाद सीवरेज के लिए उसे दोबारा खोदा जाता है या फुटपाथ तैयार करने के बाद ड्रेनेज के लिए उसे उखाड़ना पड़ता है, तो इससे न केवल आम जनता को परेशानी होती है, बल्कि सरकारी धन का भी अतिरिक्त खर्च होता है।
जन अधिकार पार्टी ने सरकार से पूछा कि किसी भी बड़े निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले डीपीआर, जमीन की वास्तविक स्थिति, ड्रेनेज व्यवस्था और ट्रैफिक प्लान की तकनीकी जांच पूरी तरह क्यों नहीं की जाती। पार्टी का आरोप है कि बेहतर समन्वय के अभाव में एक ही स्थान पर बार-बार निर्माण और तोड़फोड़ की स्थिति पैदा हो सकती है।
हेमा भण्डारी ने कहा कि हरिद्वार की जनता ऐसा विकास चाहती है जिसे देखकर उसे अपने शहर पर गर्व हो, न कि ऐसा काम जिसे देखकर यह सवाल उठे कि इसे पहले किसने बनाया और अब कौन तोड़ रहा है।
पार्टी ने कुंभ-2027 के विकास कार्यों को लेकर सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि सभी प्रमुख कार्यों का थर्ड पार्टी सोशल ऑडिट कराया जाए और यह सार्वजनिक किया जाए कि कितने कार्य पहले बनाए गए और बाद में किन कारणों से तोड़े या दोबारा बनाए गए।
दूसरी मांग में बड़े निर्माण कार्यों से पहले स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों की राय लेने तथा जमीन की वास्तविक स्थिति, ड्रेनेज और ट्रैफिक व्यवस्था का समुचित अध्ययन कराने की बात कही गई है। तीसरी मांग के तहत पार्टी ने प्रत्येक प्रमुख प्रोजेक्ट की लागत, री-वर्क पर हुए खर्च और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
हेमा भण्डारी ने कहा कि “कुंभ आने वाला है, हरिद्वार कोई ट्रायल रन नहीं है। हम विकास के खिलाफ नहीं, विनाश के खिलाफ हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रीवर्क की स्थिति पर रोक नहीं लगी तो जन अधिकार पार्टी जनशक्ति आंदोलन करेगी और जनता के पैसे का हिसाब मांगते हुए सड़कों पर उतरेगी।
