कांवड़ सेवा 4.0: रोटरैक्ट क्लब ऑफ अव्यान्ना ने चौथे वर्ष भी निभाई सेवा की परंपरा, शिवभक्त कांवड़ियों को वितरित किए फल और पेयजल
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 3 अगस्त। सावन माह में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट रहे लाखों शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा के लिए विभिन्न सामाजिक संगठन आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में रोटरैक्ट क्लब ऑफ अव्यान्ना, रुड़की ने अपने वार्षिक सेवा अभियान “कांवड़ सेवा 4.0” का सफल आयोजन किया। क्लब द्वारा लगातार चौथे वर्ष आयोजित इस सेवा अभियान के तहत कांवड़ यात्रा मार्ग पर शिवभक्तों को फल एवं शुद्ध पेयजल वितरित कर सेवा और मानवता का संदेश दिया गया।
सावन माह के प्रथम सोमवार के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हुए पैदल यात्रा कर रहे थे। लंबे सफर और तेज धूप के बीच कांवड़ियों को ऊर्जा और राहत प्रदान करने के उद्देश्य से क्लब के सदस्यों ने सेवा शिविर लगाया। शिविर में आने वाले प्रत्येक कांवड़ यात्री को केले तथा ठंडे पेयजल की बोतलें वितरित की गईं। इस दौरान क्लब के स्वयंसेवकों ने पूरे अनुशासन और समर्पण के साथ सेवा कार्य किया तथा श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा।
सेवा प्राप्त करने वाले कांवड़ियों ने रोटरैक्ट क्लब ऑफ अव्यान्ना के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि यात्रा के दौरान ऐसे सेवा शिविर उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को मजबूत बनाते हैं। कई कांवड़ियों ने क्लब के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
क्लब पदाधिकारियों ने बताया कि रोटरैक्ट क्लब ऑफ अव्यान्ना पिछले चार वर्षों से लगातार “कांवड़ सेवा” अभियान का आयोजन कर रहा है। क्लब का उद्देश्य केवल कांवड़ यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, स्वच्छता अभियान और अन्य सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से भी समाज की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि रोटरी का मूल मंत्र “Service Above Self” (स्वयं से पहले सेवा) क्लब के प्रत्येक सदस्य को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करता है।
रोटरैक्टर दीपाली गुप्ता ने कहा कि समाज सेवा केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। इसी सोच के साथ क्लब समय-समय पर विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता है। भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों की सहायता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
इस अवसर पर रोटरैक्टर दीपाली गुप्ता, अनूप, गर्गी, अभिषेक, हृतिक, रॉकी, योगेश, विकास और वैभव सहित अन्य स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ कांवड़ियों की सेवा की। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि निस्वार्थ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
स्थानीय लोगों ने भी रोटरैक्ट क्लब ऑफ अव्यान्ना के इस सेवा अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करते हैं। क्लब का यह अभियान न केवल कांवड़ियों के लिए सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी सशक्त करने वाला प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।




