देवनारायण नगर में भव्य कांवड़ सेवा शिविर का आयोजन, हजारों शिवभक्तों के लिए भोजन, विश्राम और पेयजल की निशुल्क व्यवस्था
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा के उद्देश्य से रुड़की के देवनारायण नगर में भव्य कांवड़ सेवा शिविर एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। गंगनहर किनारे कांवड़ पटरी पर स्थापित इस सेवा शिविर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन, नाश्ता, स्वच्छ पेयजल, विश्राम और ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। सेवा शिविर में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सुबह से देर रात तक सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।
शिविर में आने वाले कांवड़ियों के लिए स्वच्छ और पौष्टिक भोजन, ठंडा पेयजल तथा आराम करने के लिए पर्याप्त स्थान की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि शिवभक्तों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके। आयोजकों ने बताया कि शिविर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भोजन ग्रहण कर रहे हैं और सेवा का लाभ उठाने के बाद अपनी यात्रा आगे बढ़ा रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार यह कांवड़ सेवा शिविर पिछले चार वर्षों से लगातार लगाया जा रहा है। हर वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं में सुधार किया जाता है। इस बार भी शिविर को पहले की तुलना में अधिक भव्य और व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। शिविर का संचालन 31 जुलाई से 9 अगस्त तक लगातार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि कांवड़ियों की संख्या में और वृद्धि होती है तो भोजन, पेयजल, विश्राम और अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
शिविर के आयोजक योगेश कुमार ने कहा कि भगवान शिव के भक्तों की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करना ही उनका उद्देश्य है और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। वहीं प्रहलाद चौहान ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और कांवड़ियों की निस्वार्थ सेवा करना सभी के लिए गर्व की बात है।
देवनारायण नगर में लगाया गया यह सेवा शिविर कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए राहत और सुविधा का प्रमुख केंद्र बन गया है। स्थानीय लोगों ने भी इस सेवा अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और धार्मिक आस्था की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं। सुबह से देर रात तक स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी इस शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रहलाद चौहान ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। सेवा शिविर में भोजन, पेयजल, विश्राम और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की गई है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक कांवड़िए को सम्मानपूर्वक सेवा मिले। भविष्य में भी ऐसे जनसेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।इस अवसर पर दिनेश कुमार, वासु, दीपक कुमार , मिंकू,राजदीप,राजकुमार प्रधान काकि, नीटू आदि उपस्थित रहे
