“सीखने की कोई उम्र नहीं होती, समाज सेवा ही भारत विकास परिषद का मूल उद्देश्य” — मनीषा सिंघल
(ब्योरो रिपोर्ट दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 26 जुलाई। भारत विकास परिषद समर्पण शाखा, रुड़की द्वारा होटल सेंटर प्वाइंट में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला एवं कार्यकारिणी बैठक का आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में परिषद के प्रांतीय, क्षेत्रीय एवं शाखा स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लेकर संगठन की आगामी योजनाओं, समाज सेवा और संस्कार निर्माण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रांतीय अध्यक्षा श्रीमती मनीषा सिंघल, प्रांतीय महामंत्री संजय गर्ग, प्रांतीय संस्कार संयोजक डॉ. राजीव गोयल, प्रांतीय महिला सहभागिता संयोजिका एडवोकेट प्रीति अग्रवाल, प्रांतीय संपर्क संयोजक के.के. अरोड़ा तथा क्षेत्रीय वित्त संयोजक यश गर्ग सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत शाखा की कार्यकारिणी बैठक से हुई, जिसमें आगामी सामाजिक एवं सेवा कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में तीज महोत्सव, टीबी उन्मूलन अभियान, एनीमिया एवं सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और उपचार संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन पर चर्चा की गई। साथ ही सदस्यों के जन्मदिवस एवं वैवाहिक वर्षगांठ पर शुभकामनाएं भी दी गईं।
इसके बाद आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ श्रीमती वेणू मोहन द्वारा मधुर स्वर में ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुआ। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। शाखा अध्यक्ष इंजीनियर राकेश गर्ग ने सभी अतिथियों का दुपट्टा, माल्यार्पण एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया। शाखा सचिव सोमेन कर्माकर ने शाखा द्वारा वर्षभर किए गए सेवा कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्षा मनीषा सिंघल ने कहा कि “सीखने की कोई उम्र नहीं होती। कार्यशाला का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देना है।” उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद अपने पांच सूत्रों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने और नागरिकों में राष्ट्रभावना एवं संस्कार विकसित करने का कार्य कर रही है।
प्रांतीय महामंत्री संजय गर्ग ने परिषद की स्थापना के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन का लक्ष्य समाज को संस्कारित, सशक्त और संगठित बनाना है। वहीं एडवोकेट प्रीति अग्रवाल ने महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर प्रशिक्षण, ब्यूटी पार्लर, पापड़ एवं चिप्स निर्माण तथा कपड़े के बैग बनाने जैसे स्वरोजगार कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
प्रांतीय संस्कार संयोजक डॉ. राजीव गोयल ने बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास के लिए बाल संस्कार शिविर, “भारत को जानो” सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता तथा राष्ट्रभक्ति गीत प्रतियोगिताओं के आयोजन पर बल दिया। वहीं के.के. अरोड़ा ने समाज के सक्षम एवं प्रतिष्ठित लोगों को परिषद की गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया। क्षेत्रीय वित्त संयोजक यश गर्ग ने शाखाओं में वित्तीय पारदर्शिता एवं बैंक खातों के सुचारु संचालन पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में मुजीब मलिक, डॉ. अजय भार्गव, डॉ. सुधीर चौधरी, डॉ. सुनील शर्मा, श्रीमती फराह मलिक एवं अरविंद गुप्ता सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार और सुझाव साझा किए। सभी प्रांतीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने भारत विकास परिषद समर्पण शाखा द्वारा समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर दो नए सदस्यों का परिचय भी कराया गया।
कार्यक्रम में डॉ. श्री मोहन, हर्ष प्रकाश काला, अनीता गुप्ता, प्रो. रमा भार्गव, शालिनी प्रकाश, कुसुम काला, आर.डी. सिंह, दीप्ति कर्माकर, संयोगिता सिंह, प्राची गोयल, मृणालिनी शर्मा, मनोहर अरोड़ा, रेणु गर्ग, विशाल गोयल, रवि प्रकाश सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।






