गन्ना भुगतान, मुफ्त बिजली और स्मार्ट मीटर के विरोध में किसानों का हुंकार, मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
झबरेड़ा। उत्तराखंड किसान मोर्चा के तत्वावधान में रविवार को झबरेड़ा क्षेत्र के ग्राम मानकपुर आदमपुर में किसान सभा एवं मासिक पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और गन्ना भुगतान, मुफ्त बिजली, जबरन स्मार्ट मीटर लगाने, बिजली बिलों पर अतिरिक्त सरचार्ज तथा किसानों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। सभा में वक्ताओं ने सरकार से किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड ने कहा कि इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों का लंबे समय से करोड़ों रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण किसान आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों का बकाया गन्ना भुगतान तत्काल ब्याज सहित कराया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसान नेताओं ने प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि गांवों में किसानों की सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसका किसान पुरजोर विरोध करेंगे। साथ ही उन्होंने सिंचाई के नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली देने की मांग दोहराते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि उत्तराखंड के किसान महंगी बिजली और अतिरिक्त सरचार्ज का बोझ उठा रहे हैं। किसानों ने घरेलू बिजली बिलों पर लगाए गए अतिरिक्त सरचार्ज को भी तत्काल समाप्त करने की मांग की।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। यदि गन्ना भुगतान, मुफ्त बिजली और स्मार्ट मीटर जैसे मुद्दों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो उत्तराखंड किसान मोर्चा पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
सभा के संयोजक चौधरी राजपाल सिंह ने किसानों से संगठित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक किसान एकजुट नहीं होंगे, तब तक उनकी आवाज प्रभावी ढंग से नहीं उठ सकेगी। उन्होंने किसानों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने की अपील की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी महकार सिंह, राष्ट्रीय संयोजक चौधरी राजपाल सिंह, जिलाध्यक्ष पवन कुमार त्यागी, तेजवीर सिंह, सुधीर चौधरी, आकिल हसन, अर्जुन चौधरी, प्रधान कुलवीर, धर्मवीर, जगबीर सिंह, पंजाब सिंह, तेजपाल सैनी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। सभा के अंत में किसानों ने एक स्वर में सरकार से जल्द मांगें पूरी करने की मांग की और स्पष्ट किया कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





