दो रेलवे अंडरपास के बीच जर्जर सड़क से जनता बेहाल, किसान मोर्चा की चेतावनी के बाद अधिकारियों ने एक सप्ताह में समाधान का दिया आश्वासन
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। नगर पंचायत पाड़ली गुज़र के तेलीवाला क्षेत्र में स्थित दो रेलवे अंडरपास के बीच की मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। रेलवे निर्माण विभाग के भारी वाहनों और ट्रकों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और धंसी हुई सड़क के कारण यह मार्ग अब स्थानीय लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता अब एक तरह से “दुर्घटना ज़ोन” में तब्दील हो चुका है, जहां हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के दोनों किनारों पर ऊंचे और नुकीले हिस्से बन गए हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे में राहगीरों को यह पता नहीं चल पाता कि सड़क कहां तक सुरक्षित है और कहां गहरा गड्ढा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और किसान गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। सबसे अधिक चिंता का विषय गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उबड़-खाबड़ रास्ते पर कई गर्भवती महिलाएं संतुलन बिगड़ने से गिर चुकी हैं, जिससे गंभीर चोटें आई हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव समीर आलम ने रेलवे निर्माण विभाग के सहायक मंडल अभियंता, मंडल मुरादाबाद अमित गर्ग को एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क की समस्या नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है। उन्होंने मांग की कि सड़क पर तत्काल मलबा, गिट्टी अथवा इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाकर इसे समतल किया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
समीर आलम ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस समस्या से जूझ रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो किसान मोर्चा और स्थानीय लोग लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
किसान मोर्चा और स्थानीय नागरिकों की ओर से उठाई गई इस मांग का असर भी देखने को मिला। रेलवे निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू कर समस्या का समाधान किया जाएगा। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही वर्षों से चली आ रही इस परेशानी से राहत मिलेगी।
हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम होते देखना चाहते हैं। उनका कहना है कि सड़क की मरम्मत पूरी होने तक वे इस मुद्दे पर विभाग की कार्यवाही पर नजर बनाए रखेंगे, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को इस जर्जर मार्ग के कारण अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।



