28 जुलाई को DGP कार्यालय पर पंचायत करेगा भारतीय किसान यूनियन (तोमर), दहेज हत्या और किसान उत्पीड़न समेत 31 मांगों पर आंदोलन का ऐलान
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की/हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) की एक महत्वपूर्ण पंचायत रुड़की के एक निजी बैंक्वेट हॉल में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों और संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। पंचायत में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान संगठन ने 28 जुलाई को देहरादून स्थित उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय (DGP कार्यालय) पर पंचायत और प्रदर्शन करने की घोषणा करते हुए किसानों एवं आमजन से जुड़े 31 सूत्रीय मांगपत्र सरकार को सौंपने का निर्णय लिया।पंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने दिल्ली में किसानों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार अंग्रेजी हुकूमत की तर्ज पर काम कर रही है और किसानों, महिलाओं तथा बच्चों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाने का हर प्रयास असफल होगा और संगठन अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।चौधरी संजीव तोमर ने उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने भगवानपुर क्षेत्र में 23 जून को हुई इकरा नामक युवती की कथित दहेज हत्या का मामला उठाते हुए कहा कि इस प्रकरण में पति, सास और ससुर के खिलाफ मुकदमा संख्या 0265 दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में पुलिस अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संगठन उत्तराखंड को नशा मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पुलिस थानों में किसानों और आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, नलकूप मोटर चोरी जैसी घटनाओं में मुकदमे दर्ज नहीं किए जाते और वाहन चेकिंग के नाम पर किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है।
संगठन के राष्ट्रीय सचिव तालीब हसन ने भी पंचायत को संबोधित करते हुए गंगनहर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 5 मई 2026 को दर्ज मुकदमा संख्या 0159 में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धारा (पूर्व आईपीसी की धारा 307 के समकक्ष) हटा दी, जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी दूसरे जिले की पुलिस या निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए।
पंचायत में निर्णय लिया गया कि यदि किसानों और आमजन की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 28 जुलाई को देहरादून स्थित DGP कार्यालय पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र होकर पंचायत करेंगे और 31 सूत्रीय मांगपत्र के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने प्रदेशभर के किसानों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, राष्ट्रीय सचिव तालीब हसन, प्रदेश अध्यक्ष परवेंदर गुर्जर, जोध सिंह, विकास वालिया, शहजाद मलिक, दीपक तोमर, मुकेश गुर्जर, दिलशाद, सलमान, डॉ. इखलाक, यूनूस प्रधान, जाहिद, विकास सैनी, पहल सिंह, यशपाल, इमरान, अनवर, राशीद, आशीष कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।





