भाजपा सरकार पर जन अधिकार पार्टी का हमला, महिला अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

जन अधिकार पार्टी – जनशक्ति ने सोमवार को हरिद्वार में प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध, भ्रष्टाचार और कथित माफिया संरक्षण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी ने किया, जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने “भाजपा सरकार हाय-हाय”, “महिला विरोधी सरकार नहीं चलेगी”, “खनन माफिया मुर्दाबाद” और “कानून व्यवस्था दुरुस्त करो” जैसे नारे लगाए। सभा को संबोधित करते हुए आज़ाद अली ने कहा कि भाजपा सरकार में उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और प्रदेश अपराधियों की शरणस्थली बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और दोषियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, फिरौती और महिला उत्पीड़न की घटनाएं आम हो चुकी हैं, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने अवैध खनन, ओवरलोड परिवहन, अवैध पेड़ कटान और अवैध प्लॉटिंग को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि खनन माफिया नदियों को लूट रहे हैं और ओवरलोड डंपर सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे हैं। साथ ही कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं, लेकिन प्रशासन कथित तौर पर कमीशनखोरी के चलते कार्रवाई नहीं कर रहा। राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी ने कहा कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित अल्मोड़ा और उधमसिंह नगर में हुई दुष्कर्म की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में भाजपा नेताओं के नाम सामने आए हैं, लेकिन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की सुनवाई तक नहीं हो रही और पुलिस प्रशासन जनप्रतिनिधियों की बात सुनने को तैयार नहीं है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तरुण कौशिक ने हरिद्वार में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मनगरी हरिद्वार में खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है और स्थानीय स्तर पर उसे संरक्षण मिल रहा है। धरने के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए महिला अपराधों की सीबीआई जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट में छह माह के भीतर सुनवाई, अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर पूर्ण रोक, दोषी अधिकारियों की बर्खास्तगी तथा भू-माफियाओं की संपत्ति जब्त करने जैसी मांगें उठाईं। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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