मेरठ से एक माह पहले लापता हुई किशोरी कलियर में मिली, पुलिस ने परिजनों को सौंपा
(ब्योरो दिलशाद खान KNEWS 18)
रुड़की/कलियर। मेरठ से करीब एक माह पहले लापता हुई किशोरी को हरिद्वार जिले की कलियर थाना पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने किशोरी को 15 अक्टूबर 2026 को कलियर स्थित रैन बसेरे में संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पाया था। पूछताछ के दौरान किशोरी बोलने में असमर्थ थी और वह पुलिस को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही थी। इसके बाद पुलिस ने उसे संरक्षण में लेकर चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। पुलिस के प्रयासों और पहचान के लिए किए गए प्रचार-प्रसार के बाद किशोरी के परिजन सामने आए। 22 अक्टूबर को जिला बाल कल्याण समिति की सहायता से किशोरी को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, हरिद्वार जिले में होटल, ढाबों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। इसी अभियान के तहत 15 अक्टूबर को कलियर पुलिस की टीम रैन बसेरे में चेकिंग कर रही थी। इस दौरान वहां एक किशोरी संदिग्ध अवस्था में घूमती हुई दिखाई दी।
पुलिसकर्मियों ने किशोरी से बातचीत कर उसकी पहचान और वहां मौजूद होने के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया। हालांकि, किशोरी बोलने में असमर्थ थी और पूछताछ में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे अपने संरक्षण में लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए थाने ले आई।
चाइल्ड हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की ली मदद
किशोरी की सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता देते हुए कलियर पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन की सहायता ली। इसके बाद किशोरी को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया, जहां उसकी सुरक्षा और देखरेख की व्यवस्था की गई। वहीं, पुलिस ने किशोरी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराया, ताकि उसके परिवार का पता लगाया जा सके।
पुलिस के इन प्रयासों के बाद 21 अक्टूबर 2026 को किशोरी के परिजन कलियर थाने पहुंचे। उन्होंने किशोरी को अपनी बेटी के रूप में पहचान लिया। परिजनों के सामने आने के बाद पुलिस ने नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की और संबंधित बाल कल्याण अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया।
22 अक्टूबर को परिजनों के सुपुर्द की गई किशोरी
पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को जिला बाल कल्याण समिति की सहायता से किशोरी को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने पुलिस का आभार जताया। पुलिस की तत्परता, लगातार प्रयासों और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से किशोरी को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका।
इस पूरी कार्रवाई में कलियर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, महिला कांस्टेबल सरिता राणा और हेड कांस्टेबल जयप्रकाश शामिल रहे।
पुलिस की इस कार्रवाई में किशोरी की सुरक्षा, पहचान और परिवार से मिलाने के लिए किए गए समन्वित प्रयास महत्वपूर्ण रहे। यह मामला गुमशुदा बच्चों की तलाश में पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण संस्थाओं के बीच समन्वय की भूमिका को भी दर्शाता है।

