कलियर नगर पंचायत पर आज़ाद अली का बड़ा हमला भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप,“रक्षक ही भक्षक बने हुए हैं”
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली ने नगर पंचायत कलियर की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रुड़की पहुंचे आज़ाद अली ने नगर पंचायत की अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी (ईओ) और कुछ जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार, सरकारी धन के दुरुपयोग और कथित मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
आज़ाद अली ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत क्षेत्र में एक निजी प्लॉटिंग के भीतर सरकारी धन का इस्तेमाल कर सड़कें बनाई गईं। उनके मुताबिक, संबंधित सड़कों के ध्वस्तीकरण के नोटिस पहले से जारी किए गए थे, लेकिन सड़कों को ध्वस्त करने के बजाय नगर पंचायत के पैसों से उनका निर्माण करा दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी संपत्ति के आसपास सीलिंग की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला भी सामने आया है।
उन्होंने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा, “भाए कोतवाल तो डर काहे का, जब नगर पंचायत का ईओ ही भ्रष्टाचार में मिला हुआ है तो रक्षक ही भक्षक बने हुए हैं।” हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
आज़ाद अली ने कलियर क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा पहले जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया था, वहां कथित सेटिंग-गेटिंग के जरिए दोबारा अतिक्रमण कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत के ईओ, अध्यक्ष और उनके प्रतिनिधि की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने नगर पंचायत में लगे हैंडपंपों को लेकर भी सवाल उठाए। आज़ाद अली का दावा है कि बड़ी संख्या में हैंडपंप केवल सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जबकि मौके पर उनकी स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि जो हैंडपंप लगाए भी गए हैं, उनमें से कई काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्कूल के नजदीक कूड़ा जमा होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे बच्चों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आज़ाद अली ने बताया कि इन सभी शिकायतों को लेकर उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार से मुलाकात की है। उनके अनुसार, जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एडीएम वित्त को सौंपने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन से बनी सड़कों, ध्वस्तीकरण के नोटिस के बावजूद कार्रवाई नहीं होने, सीलिंग की जमीन, अतिक्रमण और नगर पंचायत के अन्य कार्यों की जांच की जाएगी।
ईओ के स्थानांतरण के मुद्दे पर आज़ाद अली ने कहा कि उनकी मांग केवल तबादले तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी के मूल पद और नगर पंचायत में ईओ के रूप में कार्य करने की वैधानिकता की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें हुई हैं और हाई कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया गया है।
आज़ाद अली ने कहा कि वह मामले को केवल ट्रांसफर तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनकी मांग है कि संबंधित कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच हो, सरकारी धन के नुकसान की वसूली की जाए और जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जांच में समय लग सकता है, लेकिन मामले को दबने नहीं दिया जाएगा और कथित भ्रष्टाचार को जनता के सामने लाया जाएगा।
