हरेला पर्व पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का पौधारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार तथा औषधीय पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने पौधों की नियमित देखभाल करने और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का भी संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का नेतृत्व उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अर्जुन सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होने के साथ-साथ प्रकृति और मानव के अटूट संबंध को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार घटते वन क्षेत्र गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि पौधे केवल पर्यावरण को स्वच्छ नहीं बनाते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर जेई बी. डी. धीमान ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के सबसे बड़े मित्र हैं। पेड़ हमें शुद्ध वायु, छाया, फल और जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने सभी प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे हरेला पर्व को केवल एक त्योहार के रूप में न मनाएं, बल्कि इसे प्रकृति संरक्षण का जन अभियान बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का समर्थन करते हुए अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाए। इस पहल को उपस्थित लोगों ने सराहा और अधिक से अधिक लोगों तक इस संदेश को पहुंचाने का संकल्प लिया। पौधारोपण के बाद पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं ताकि उनका समुचित विकास हो सके।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भूमिका से ही धरती को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है। हरेला पर्व हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण छोड़ने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और उपस्थित नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प दोहराया। हरेला पर्व पर आयोजित यह पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हरियाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ। विभाग ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया। इस मौके पर पूरी टीम मौजूद रही सभी ने पौधरोपण कर बढचढकर हिस्सा लिया ।



