मोहर्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, अखाड़ों के खलीफाओं के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से गंग नहर कोतवाली में पुलिस उपाधीक्षक सुश्री ओशिन जोशी की अध्यक्षता में नगर क्षेत्र के विभिन्न मुस्लिम समुदायों के अखाड़ों एवं ताजिया कमेटियों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मोहर्रम के जुलूसों, अखाड़ों की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए सीओ ओशिन जोशी ने कहा कि मोहर्रम का पर्व त्याग, बलिदान और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष किसी भी प्रकार की नई परंपरा, नया मार्ग अथवा नए जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी आयोजन पूर्व निर्धारित मार्गों एवं परंपराओं के अनुसार ही संपन्न होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ अथवा अशोभनीय वीडियो और पोस्ट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीओ जोशी ने कहा कि सभी समुदायों का दायित्व है कि वे शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखें तथा मोहर्रम को गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न कराएं। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की।
बैठक के दौरान नगर के विभिन्न अखाड़ों के खलीफाओं एवं पदाधिकारियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से 10 मोहर्रम के दिन यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा बाजार क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग की। इस पर पुलिस अधिकारियों ने आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
शिया समुदाय के सदर ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि पूर्व वर्षों की भांति इस बार भी मातमी जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोग प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करेंगे।
गंग नहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव ने कहा कि अखाड़ों के खलीफाओं की जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी असामाजिक तत्व जुलूस में शामिल होकर माहौल खराब करने का प्रयास न करे। उन्होंने अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की।
सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई धर्मेंद्र राठी ने कहा कि पुलिस इस बात पर भी विशेष नजर रखेगी कि जुलूस और अखाड़ों में शामिल कोई भी युवक नशे की हालत में हुड़दंगबाजी न करे। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त मुस्लिम अखाड़ा परिषद के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलोरी ने कहा कि रुड़की की पहचान आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए रही है। यहां मोहर्रम, रामलीला, कांवड़ यात्रा, ईद और होली जैसे सभी त्योहार सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर प्रेम और सम्मान के साथ मनाते हैं। यही परंपरा शहर की सबसे बड़ी ताकत है।
बैठक में विकास त्यागी, सलमान फरीदी (एसपीओ), सोनू साबरी, ताजिया कमेटी अंबर तालाब के सदर मोहम्मद याकूब, इंडियन अंजुमन अखाड़ा के शावेज, शाहरुख, अकबरी अखाड़ा आजादनगर के अखलाक एवं नसीर, साबरी अखाड़ा के अरमान, शाने अकबरी अखाड़ा के रियाज साबरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अफजल मंगलोरी द्वारा किया गया।

