सरकारी भूमि पर कब्जों के खिलाफ सुराज सेवादल का हल्ला बोल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। सरकारी भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण और भू-माफियाओं की कथित सक्रियता के खिलाफ मंगलवार को सुराज सेवादल ने रुड़की तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि यदि समय रहते सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो भविष्य में सार्वजनिक परियोजनाओं और विकास योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है।
सुराज सेवादल के प्रदेश सचिव मोहम्मद इंतजार ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों द्वारा सरकारी जमीनों पर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जबकि संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
इस दौरान ग्राम नगला इमरती के प्रधान खलील ने भी प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपते हुए गांव की सरकारी भूमि पर कथित रूप से किए गए अवैध कब्जों को हटाने की मांग की। उन्होंने पूरे क्षेत्र की सरकारी भूमि का सर्वे कराकर अवैध कब्जों की पहचान करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान सुराज सेवादल के कार्यकर्ताओं ने चकबंदी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। संगठन का आरोप था कि सरकारी भूमि की पैमाइश को लेकर नोटिस तो जारी किए जाते हैं, लेकिन बाद में मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कार्यकर्ताओं ने चकबंदी अधिकारियों पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप भी लगाए।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व निर्धारित तिथि पर कुछ प्रशासनिक कारणों और बल की उपलब्धता न होने के कारण संयुक्त टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी थी, लेकिन अब जल्द ही पुलिस, राजस्व और चकबंदी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पैमाइश कराई जाएगी।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्राम प्रधान द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी और यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। वहीं, चकबंदी अधिकारी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं था, जिस पर रमेश जोशी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शिकायतें और नोटिस जारी हो चुके हैं तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
सुराज सेवादल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की गई।





