ग्राम शिकारपुर में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध दो मंजिला निर्माण सील, एचआरडीए की बड़ी कार्रवाई
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने ग्राम शिकारपुर में ग्राम समाज की भूमि पर किए जा रहे अवैध दो मंजिला निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया और भवन को सील कर दिया। एचआरडीए की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और अवैध निर्माण करने वालों में खलबली मच गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम शिकारपुर में ग्राम समाज की भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के दो मंजिला भवन का निर्माण तेजी से कराया जा रहा था। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से इस निर्माण की शिकायत प्रशासन और एचआरडीए अधिकारियों से की जा रही थी। शिकायतों के बाद एचआरडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाया गया और निर्माणकर्ता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
बताया गया कि निर्माण कार्य से जुड़े लोगों में ब्लॉक नारसन के बीडीसी सदस्य के पति विकास चौधरी तथा सहकारी समिति लिमिटेड लंढौरा में बाबू पद पर कार्यरत महक सिंह उर्फ मृगेंद्र पुत्र बिजेंद्र उर्फ मांगा निवासी ग्राम शिकारपुर का नाम सामने आया है। जांच में पाया गया कि निर्माण के लिए न तो मानचित्र स्वीकृत कराया गया था और न ही भूमि संबंधी आवश्यक अनुमति ली गई थी।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि उक्त भूमि ग्राम समाज की श्रेणी में दर्ज है तथा इस मामले में पूर्व में माननीय न्यायालय कलेक्ट्रेट मजिस्ट्रेट हरिद्वार में धारा 122 बी के अंतर्गत मुकदमा भी पंजीकृत हो चुका है। मामले में बिजेंद्र उर्फ मांगा पुत्र समय सिंह निवासी ग्राम शिकारपुर के खिलाफ जुर्माना लगाए जाने के साथ बेदखली के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद भूमि पर निर्माण कार्य जारी रखा गया।
एचआरडीए अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को तत्काल बंद कराया और भवन को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि ग्राम समाज अथवा सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा और निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने एचआरडीए की कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से ग्राम समाज और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। अब प्रशासन की सख्ती से लोगों में भरोसा बढ़ा है और उम्मीद जगी है कि सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
एचआरडीए अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना स्वीकृति और नियमों के विरुद्ध किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अवैध निर्माणों को सील करने की प्रक्रिया भी आगे जारी रखी जाएगी।
