स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन पर गंभीर आरोप, जांच की मांग को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की के मतलबपुर स्थित स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। इंपीरियल एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित इस शिक्षण संस्थान पर छात्रवृत्ति घोटाले, पैसे लेकर भर्ती करने, भूमि लीज में अनियमितता और विश्वविद्यालय मानकों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों ने उपजिलाधिकारी रुड़की को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन देने पहुंचे लोगों का कहना था कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा लंबे समय से नियमों की अनदेखी की जा रही है। आरोप लगाया गया कि संस्थान में नियुक्तियों के नाम पर कई लोगों से करोड़ों रुपये लिए गए, लेकिन बाद में उन्हें न तो स्थायी नियुक्ति मिली और न ही उनका पैसा वापस किया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पुलिस प्रशासन को भी शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज पर छात्रवृत्ति वितरण में भी गंभीर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पात्र छात्रों तक छात्रवृत्ति की राशि सही तरीके से नहीं पहुंचाई गई और योजनाओं का लाभ उठाने में अनियमितताएं बरती गईं। लोगों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। मामले में भूमि लीज से जुड़ी अनियमितताओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा लीज डीड में बदलाव कर निजी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही वर्ष 2019 में लीज की धनराशि में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी को भी संदिग्ध बताया गया। लोगों का कहना है कि इस मामले की जांच राजस्व विभाग और संबंधित एजेंसियों से कराई जानी चाहिए। इसके अलावा कॉलेज पर विश्वविद्यालय के निर्धारित मानकों से अधिक प्रवेश लेने का आरोप भी लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने क्षमता से अधिक छात्रों का प्रवेश लेकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों ने प्रशासन से मांग की कि कॉलेज को मिलने वाले अनुदान की भी जांच की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संस्थान को अनुदान सूची से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मामले की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो रविदास घाट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
