खानपुर में इतिहास रचा: विधायक उमेश कुमार ने भगवान परशुराम मंदिर का किया भव्य शिलान्यास, उमड़ा जनसैलाब

(ब्योरी दिलशाद खान।KNEWS18)
खानपुर, 18 अप्रैल 2026। हरिद्वार जिले के खानपुर विधानसभा क्षेत्र में उस समय ऐतिहासिक और आस्था से भरा माहौल देखने को मिला, जब विधायक उमेश कुमार ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर जिले के पहले भगवान परशुराम मंदिर का विधिवत शिलान्यास किया। यह आयोजन दाब की खुर्द गांव में, बिरला टायर फैक्ट्री के समीप पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
इस भव्य कार्यक्रम में खानपुर विधानसभा के विभिन्न गांवों के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विशेष रूप से ब्राह्मण समाज की भारी भागीदारी देखने को मिली, वहीं उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से भी भगवान परशुराम के भक्त विधायक उमेश कुमार के आमंत्रण पर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने पहुंचे। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत विधायक उमेश कुमार के लक्सर स्थित कार्यालय से हुई, जहां से वे हजारों श्रद्धालुओं के साथ खानपुर बॉर्डर पहुंचे। इसके बाद “जय-जय दादा परशुराम” के गूंजते नारों के बीच एक विशाल पदयात्रा निकाली गई, जो दाब की खुर्द गांव तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था और पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
शिलान्यास के पश्चात अपने संबोधन में विधायक उमेश कुमार ने भगवान परशुराम के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष और धर्म की रक्षा के प्रतीक हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि समाज में सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलकर एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण करें। उन्होंने यह भी कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को संस्कार और प्रेरणा देने का कार्य भी करेगा।
स्थानीय ग्रामीणों और उपस्थित जनसमूह ने विधायक उमेश कुमार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक चेतना को भी बढ़ावा दे रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।इस ऐतिहासिक शिलान्यास कार्यक्रम ने न केवल खानपुर विधानसभा बल्कि पूरे हरिद्वार जिले में एक नई पहचान स्थापित की है। आने वाले समय में यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा, ऐसा विश्वास श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने व्यक्त किया।






