अम्बेडकर जयंती पर झबरेड़ा में ऐतिहासिक पल, विधायक वीरेंद्र जात्ती ने किया डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का लोकार्पण

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। हरिद्वार जनपद के झबरेड़ा क्षेत्र में संविधान निर्माता Dr. B. R. Ambedkar की जयंती के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण देखने को मिला, जब बाबा साहब की भव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में भारी संख्या में समर्थकों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक बड़े जनसमारोह का रूप दे दिया।
प्रतिमा का लोकार्पण कांग्रेस विधायक Virendra Jatti द्वारा किया गया। उन्होंने इस अवसर को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं, बल्कि बाबा साहब के विचारों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के बाद मुख्य चौराहे को आधिकारिक रूप से ‘भीमराव अम्बेडकर चौक’ नाम दिया गया, जो अब झबरेड़ा की नई पहचान बन गया है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक वीरेंद्र जात्ती ने अपने संबोधन में बताया कि इस प्रतिमा की स्थापना का संकल्प वर्ष 2021-22 में प्रदेश के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami द्वारा की गई घोषणा का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि आज बाबा साहब की जयंती पर इस प्रतिमा का अनावरण होना सभी के लिए गर्व का विषय है। बाबा साहब का जीवन संघर्ष, समानता और न्याय के सिद्धांतों का प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियां इस चौक के माध्यम से याद रखेंगी।
विधायक ने आगे कहा कि डॉ. अम्बेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने समाज के वंचित और शोषित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा का झबरेड़ा में स्थापित होना क्षेत्र के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के दलित समाज और बाबा साहब के अनुयायियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इसे अपनी भावनाओं और सम्मान की अभिव्यक्ति के रूप में देखा। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब झबरेड़ा में बाबा साहब की मौजूदगी एक स्थायी हकीकत बन चुकी है।कुल मिलाकर, झबरेड़ा में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता, सम्मान और समानता के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आया।






