कलियर – जिलानी बाबा का 16वां उर्स धूमधाम से मनाया, कुल शरीफ की रस्म के साथ सजी मेहफिल

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
कलियर। साबिर-ए-पाक रहमतुल्लाह अलैह के खास खादिम रहे हजरत बाबा गुलाम शाह जिलानी साबरी चिश्ती का 16वां उर्स मुबारक इस वर्ष भी बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। हज कमेटी के पीछे स्थित उनकी दरगाह पर आयोजित इस उर्स में दूर-दराज से आए सैकड़ों अकीदतमंदों और सूफी संतों ने शिरकत कर बाबा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
उर्स का आगाज 3 अप्रैल से हुआ था, जिसका समापन आज विभिन्न धार्मिक रस्मों और कार्यक्रमों के साथ हुआ। समापन दिवस पर मगरिब की नमाज के बाद जिलानी बाबा रहमतुल्लाह अलैह के गुस्ल की रस्म अदा की गई। इसके बाद नात-ए-पाक की तिलावत और कुल शरीफ की रस्म बड़े अदब और एहतराम के साथ संपन्न हुई।
देर रात हजरत बाबा गुलाम शाह जिलानी के खलीफा सूफी मौलाना राशिद साबरी की खानगाह पर कुल शरीफ की रस्म अदा की गई, जहां अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर पीरजादा परिवार के शाह यावर मियां की सरपरस्ती में कुल शरीफ और मेहफिल-ए-कव्वाली का आयोजन किया गया। सूफियाना कलाम और कव्वालियों ने माहौल को रूहानी रंग में रंग दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
शाह यावर मियां ने इस अवसर पर देश की अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई। उन्होंने कहा कि हजरत बाबा गुलाम शाह जिलानी रहमतुल्लाह अलैह का उर्स हर साल लोगों को एकता, प्रेम और इंसानियत का संदेश देता है। इस बार 16वां उर्स बड़े ही भव्य रूप में मनाया गया, जिसमें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मुरादाबाद, बरेली सहित कई क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा की दरगाह से दुआओं का फैज हासिल किया।
वहीं सूफी मौलाना राशिद साबरी ने बताया कि उनके पीर-ओ-मुर्शिद का यह 16वां उर्स है, जो हर साल और अधिक श्रद्धा व भव्यता के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि बाबा के चाहने वालों की बढ़ती संख्या और उनकी दरगाह की रौनक इस बात का प्रमाण है कि आज भी बाबा अपने मुरीदों के दिलों में जीवित हैं और उनकी रहमतें निरंतर बरस रही हैं।
उर्स के दौरान सभी खलीफाओं और सेवकों ने मिलकर हर रस्म को पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न कराया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए लंगर का भी विशेष इंतजाम किया गया, जिसमें सभी ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर सूफी शफीक साबरी, मनव्वर साबरी, नोमी प्रधान, शम्स अली, अनवर खान, फिरोज खान, मुस्तकीम बाबा, वरिष्ठ पत्रकार आसिफ अली, रियाज कुरैशी, अब्दुल समद साबरी, हाफिज उस्मान, सूफी यासीन साबरी चिश्ती, हैदर अली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उर्स के समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने बाबा की दरगाह पर हाजिरी लगाकर अपनी मन्नतें मांगी और रूहानी सुकून का अनुभव किया।






