रुड़की के राजा पहलवान ने मेरठ नेशनल गेम्स में जीता गोल्ड, शिक्षा नगरी का बढ़ाया मान

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। शिक्षा नगरी के नाम से मशहूर रुड़की ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। मिक्स मार्शल आर्ट्स इंडिया कॉम्बैट लीग नेशनल गेम्स में नगर के उभरते खिलाड़ी राजा पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश के मेरठ में आयोजित की गई, जिसमें देशभर के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबलों के बीच 77 किलोग्राम भार वर्ग में उतरे राजा पहलवान ने अपनी ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पहले ही मुकाबले में मेरठ आर्मी के खिलाड़ी को पहले राउंड में ही पराजित कर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल कर प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम किया।
राजा पहलवान की यह जीत केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि रुड़की और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनके इस प्रदर्शन से क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह और प्रेरणा देखने को मिल रही है। खासकर मिक्स मार्शल आर्ट्स जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।राजा पहलवान केवल एक खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षक भी हैं। वह रुड़की के रामनगर स्थित “वी फॉर एटलांटिस जिम” में कोच के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। यहां वह युवाओं और बच्चों को फिटनेस के साथ-साथ मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण भी देते हैं। उनकी मेहनत और समर्पण के कारण कई युवा खिलाड़ी इस खेल की ओर आकर्षित हो रहे हैं।यह पहली बार नहीं है जब राजा पहलवान ने यह मुकाम हासिल किया हो। इससे पहले भी वह देहरादून में आयोजित नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। लगातार सफलता हासिल कर वह शिक्षा नगरी रुड़की, अपने परिवार और पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
राजा पहलवान का सपना है कि वह एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करें और विदेश में तिरंगा फहराएं। उनका लक्ष्य देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लौटना है, जिसके लिए वह लगातार कड़ी मेहनत और अभ्यास कर रहे हैं।अपनी इस सफलता का श्रेय राजा पहलवान अपने अंतरराष्ट्रीय कोच दिलशाद पहलवान चंदौसी को देते हैं। उनका कहना है कि कोच के मार्गदर्शन, अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण की बदौलत ही वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहेंगे और आने वाले समय में और बड़े मंच पर देश का नाम रोशन करेंगे।राजा पहलवान की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि दृढ़ निश्चय, मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।






