रुड़की में भगवान महावीर जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा,श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। महावीर जयंती के पावन अवसर पर नगर में जैन समाज द्वारा भव्य एवं विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे शहर में धार्मिक उत्साह, भक्ति और उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला। शोभायात्रा में सजी आकर्षक एवं जीवंत झांकियां लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होकर भगवान महावीर के जयकारे लगाते नजर आए।
कार्यक्रम की शुरुआत नगर में विराजमान आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज के मंगल प्रवचनों से हुई। उन्होंने अपने उद्बोधन में भगवान महावीर के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा—को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उनके प्रेरणादायक विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इसके उपरांत भगवान महावीर को रथ पर विराजमान करने वाले पात्रों का चयन पारंपरिक बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, जो जैन समाज की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। रथ पर विराजमान होने का सौभाग्य साधु राम जैन को प्राप्त हुआ, जबकि रथ को खींचने का दायित्व नवीन जैन ने निभाया। श्री जी के कोष को लेकर चलने का सौभाग्य हिमांशु जैन को मिला। इसके अलावा, भगवान महावीर के दोनों ओर इंद्र बनने का गौरव आईआईटी रुड़की में अध्ययनरत दो छात्रों को प्राप्त हुआ, जिसने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
इस भव्य आयोजन में नगर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति भी रही। मेयर अनीता देवी अग्रवाल, पूर्व मेयर गौरव गोयल, युवा समाजसेवी इंजीनियर चेरब जैन, मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल तथा जैन समाज के अध्यक्ष अनिल कुमार जैन सहित कई प्रमुख लोगों ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शोभायात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई आदर्श नगर स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। यहां आचार्य श्री के निर्देशन में पांडुकशिला पर इंद्रों द्वारा भगवान महावीर का विधिवत अभिषेक एवं पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
युवा समाजसेवी इंजीनियर चेरब जैन ने कहा कि भगवान महावीर का संदेश आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि अहिंसा, सत्य और त्याग के सिद्धांतों को अपनाकर समाज में शांति और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है। वहीं, पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान नगर का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी दे गई।






