स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर स्थानीय दुकानदारों को दें बढ़ावा: पूर्व मेयर गौरव गोयल
(ब्योरो दिलशाद खान KNEWS 18)
रुड़की। दीपावली के पावन पर्व पर स्थानीय व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पूर्व मेयर गौरव गोयल ने रुड़की के विभिन्न बाजारों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय दुकानदारों से स्वदेशी निर्मित सामान और दीपावली में उपयोग होने वाली विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी की। साथ ही दुकानदारों को मिठाई वितरित कर दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा कि स्वदेशी अभियान देश की आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार रहा है। महात्मा गांधी ने भी स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया था। उनका मानना था कि देश की वास्तविक आर्थिक शक्ति गांवों, छोटे उद्योगों, कारीगरों और स्थानीय व्यापारियों में निहित है। स्वदेशी अभियान का उद्देश्य भी देश में निर्मित वस्तुओं को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर बाजारों में खरीदारी का विशेष महत्व होता है। ऐसे में यदि लोग बड़ी कंपनियों और विदेशी उत्पादों के बजाय स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों द्वारा तैयार किए गए सामान को प्राथमिकता दें, तो इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्थानीय स्तर पर होने वाली खरीदारी से छोटे व्यापारियों की आमदनी बढ़ती है और उनके परिवारों की आजीविका चलाने में भी मदद मिलती है।
गौरव गोयल ने बाजारों में विभिन्न दुकानों और स्टालों पर पहुंचकर मिट्टी के दीपक, सजावटी सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुओं तथा दीपावली से संबंधित अन्य स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की। उन्होंने दुकानदारों से बातचीत कर उनके व्यापार और त्योहार की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मिठाई वितरित कर व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं।
उन्होंने कहा कि भारत की असली पहचान उसके लघु उद्योगों, कृषि, कुटीर उद्योगों और स्वावलंबी परियोजनाओं से भी बनती है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली छोटी-छोटी वस्तुएं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी खरीदारी में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे, तो इससे देश के छोटे उद्योगों को नई दिशा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
पूर्व मेयर ने नगरवासियों से अपील की कि वे दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करें और स्थानीय दुकानदारों का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प है। सभी नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है।


