हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करने पहुंचे श्रद्धालु निराश, गंग नहर बंद होने से सूखे पड़े घाट
(ब्योरो दिलशाद खान KNEWS 18)
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा स्नान की आस्था लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं को इन दिनों निराशा का सामना करना पड़ रहा है। हर की पौड़ी पर पानी नहीं होने के कारण लोग गंगा में डुबकी नहीं लगा पा रहे हैं। गंग नहर को वार्षिक सफाई और मरम्मत के लिए 18 दिनों तक बंद किए जाने से घाटों पर जल प्रवाह प्रभावित हुआ है। ऐसे में दूर-दराज के क्षेत्रों से गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को अपनी धार्मिक यात्रा के दौरान परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हर की पौड़ी हरिद्वार के सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध घाटों में शामिल है। धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है और यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। लेकिन इन दिनों घाट पर पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण स्नान करने की सुविधा प्रभावित है। श्रद्धालु गंगा में उतरकर डुबकी लगाने के बजाय खाली पड़े घाटों को देखकर मायूस हो रहे हैं।
सफाई और मरम्मत के लिए बंद की गई गंग नहर
गंग नहर को प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय पर सफाई और मरम्मत के कार्यों के लिए बंद किया जाता है। इस अवधि में नहर की साफ-सफाई, जरूरी मरम्मत और अन्य तकनीकी कार्य किए जाते हैं, ताकि जल प्रवाह और व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। इस बार नहर बंद रहने के दौरान वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ से संबंधित तैयारियों के कार्य भी किए जा रहे हैं।
नहर में जल प्रवाह बंद होने का असर हर की पौड़ी पर भी दिखाई दे रहा है। घाट पर पानी उपलब्ध नहीं होने से गंगा स्नान के लिए आने वाले लोगों की धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
बंगाली श्रद्धालुओं के आगमन के बीच बढ़ी परेशानी
इन दिनों हरिद्वार में बंगाली श्रद्धालुओं के आने का सीजन चल रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ हरिद्वार पहुंचते हैं और गंगा स्नान को अपनी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। ऐसे समय में हर की पौड़ी पर पानी नहीं होने से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है।
हरिद्वार पहुंचे कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि वे गंगा में स्नान करने की इच्छा लेकर यहां आए थे, लेकिन पहुंचने पर उन्हें गंग नहर बंद होने की जानकारी मिली। श्रद्धालुओं का कहना है कि स्नान नहीं कर पाने से उन्हें निराशा हुई है। हालांकि, वे गंगा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए आचमन करने और गंगाजल का छिड़काव करने जैसे धार्मिक विकल्प अपना रहे हैं।
सूखे घाट पर सिक्के और अन्य सामान तलाशते दिखे लोग
हर की पौड़ी पर पानी कम होने या नहीं होने के बीच कुछ लोग सूखे पड़े हिस्सों में उतरकर सिक्के, पैसे और अन्य वस्तुएं तलाशते भी नजर आ रहे हैं। सामान्य दिनों में श्रद्धालु गंगा में सिक्के और दूसरी वस्तुएं अर्पित करते हैं। जलस्तर कम होने पर कुछ लोग इन्हीं वस्तुओं की तलाश में घाटों पर खोजबीन करते दिखाई दे रहे हैं।
7 नवंबर की मध्यरात्रि को खुलेगी गंग नहर
गंग नहर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए पेयजल आपूर्ति का भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सफाई और मरम्मत के बाद 7 नवंबर की मध्यरात्रि को नहर को दोबारा खोला जाएगा। इसके बाद जल प्रवाह शुरू होने पर हर की पौड़ी पर पानी की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
फिलहाल, श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। नहर खुलने के बाद घाट पर सामान्य जल प्रवाह कब तक बहाल होगा, यह संबंधित व्यवस्था और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। तब तक गंगा स्नान की आस लेकर हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परिस्थितियों के अनुसार अपनी धार्मिक गतिविधियां पूरी करनी पड़ रही हैं।

