आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह 2026 का समापन, 1,424 स्नातकोत्तर एवं शोधार्थियों को मिली डिग्री
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की, 20 सितंबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की में आयोजित दो दिवसीय दीक्षांत समारोह-2026 का रविवार को समापन हो गया। समारोह के दूसरे दिन उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और अकादमिक उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। इस दौरान कुल 1,424 स्नातकोत्तर, डॉक्टोरल और एमएस बाय रिसर्च विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 903 स्नातकोत्तर, 518 पीएचडी/पीएचडी ड्युअल और 3 एमएस बाय रिसर्च डिग्रियां शामिल रहीं।
पीएचडी डिग्रियों का बना रिकॉर्ड
दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण आईआईटी रुड़की द्वारा प्रदान की गई 518 पीएचडी डिग्रियां रहीं। संस्थान के अनुसार यह उसके इतिहास में एक दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई पीएचडी डिग्रियों की सर्वाधिक संख्या है। इनमें 346 छात्र और 172 महिला शोधार्थी शामिल हैं। संस्थान ने इसे अपने शोध तंत्र के विस्तार और उन्नत अनुसंधान पर बढ़ते जोर से जोड़कर देखा।
पहली बार एमएस बाय रिसर्च डिग्री
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत आईआईटी रुड़की ने पहली बार एमएस बाय रिसर्च की डिग्री भी प्रदान की। स्नातकोत्तर स्तर पर एम.टेक., एम.एससी., एम.आर्क., एमबीए, एम.डिजाइन, अर्बन एंड रूरल प्लानिंग, पीजी डिप्लोमा और अन्य कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां मिलीं।
हर्षवर्धन छिताले और डॉ. कपिल गर्ग रहे अतिथि
समारोह में हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ हर्षवर्धन छिताले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए तकनीक और उद्योग के तेजी से बदलते परिदृश्य के बीच लगातार सीखने, नवाचार करने और ज्ञान को उपयोगी समाधानों में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आईआईटी रुड़की के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. कपिल गर्ग, ऑयलमैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक तथा एशियन एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, सम्मानित अतिथि रहे। उन्होंने उच्च शिक्षा और शोध को उद्योग तथा समाज की चुनौतियों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
शिवानी चौधरी समेत शोधार्थियों को सम्मान
समारोह में शोध और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए विभिन्न पुरस्कार एवं पदक भी प्रदान किए गए। शिवानी चौधरी, पीएचडी फिजिक्स को डॉ. सुशील शर्मा एक्सीलेंस इन डॉक्टोरल रिसर्च अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा गिएथ अल वराह, अद्रिजा घोष, शैला मीर और सौम्यदीप बसाक सहित अन्य शोधार्थियों को भी विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। विद्यसागर तुम्माकुरी को ए.के. गोयल ग्रीन एनर्जी प्राइज एंड गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
दो दिनों में कुल 2,701 डिग्रियां
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक और शोध यात्राओं का उत्सव है। उन्होंने कहा कि संस्थान से निकलने वाले विद्यार्थी ज्ञान, नवाचार और शोध के माध्यम से समाज और राष्ट्र की चुनौतियों के समाधान में योगदान देंगे।
दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के समापन के साथ आईआईटी रुड़की ने कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान कीं। इनमें 1,277 स्नातक, 903 स्नातकोत्तर, 518 पीएचडी और 3 एमएस बाय रिसर्च डिग्रियां शामिल हैं। संस्थान ने सभी डिग्रीधारकों को बधाई देते हुए उनके परिवारों, शिक्षकों, मार्गदर्शकों और कर्मचारियों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
