September 20, 2026

आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह में 1,277 स्नातकों को मिली डिग्री, उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)

रुड़की, 19 सितंबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की में आयोजित दो दिवसीय दीक्षांत समारोह-2026 के पहले दिन शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना के बीच 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल, केसी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने विद्यार्थियों को दीक्षांत संबोधन दिया। वहीं चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

समारोह की अध्यक्षता भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल एवं आईआईटी रुड़की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश साल्वे ने की। विभिन्न स्नातक कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें बी.टेक, बी.आर्क, इंटीग्रेटेड एम.टेक, इंटीग्रेटेड एम.एससी., आईडीडी, बीएस-एमएस और बीएस सहित अन्य कार्यक्रम शामिल रहे। कुल 1,277 स्नातकों में 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल हैं।

2,701 डिग्रियां प्रदान करने का रिकॉर्ड

इस वर्ष का दीक्षांत समारोह आईआईटी रुड़की के लिए विशेष महत्व रखता है। दो दिनों में संस्थान कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान कर रहा है, जो संस्थान के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या बताई गई है। साथ ही पहली बार पांच वर्षीय ड्युअल डिग्री कार्यक्रम के तहत बीएस-एमएस डिग्री प्रदान की जा रही है।

अजीत डोभाल को ऑनोरिस कौसा उपाधि

समारोह का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल को ऑनोरिस कौसा उपाधि प्रदान किया जाना रहा। यह सम्मान उनकी विशिष्ट लोक सेवा के प्रति संस्थान की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के व्यापक हित में करने का आह्वान किया।

विद्यार्थियों को उत्कृष्टता और जिम्मेदारी का संदेश

सीडीएस जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने कहा कि किसी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा पीढ़ी के ज्ञान, क्षमताओं और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी उत्कृष्टता के साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का आग्रह किया।

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और पूरे संस्थान के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि स्नातक विद्यार्थी ज्ञान, रचनात्मकता और मूल्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के लिए सार्थक योगदान दे सकते हैं।

श्रीवरदन बालाजी को प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल

बीएस-एमएस केमिकल साइंसेज के विद्यार्थी श्री श्रीवरदन बालाजी को प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। उन्हें जेईई एडवांस्ड के माध्यम से प्रवेश लेने वाले स्नातक विद्यार्थियों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने के लिए यह सम्मान मिला। वहीं नवनीत कुमार को डायरेक्टर गोल्ड मेडल, आशी जैन को भारत के राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल, रूपम तनेजा को इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल और सुकृत जिंदल को इंस्टीट्यूट ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया।

आईआईटी रुड़की ने बताया कि संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को लगातार विस्तार दे रहा है। संस्थान के अनुसार इस वर्ष 136 पेटेंट आवेदन दाखिल किए गए, 144 पेटेंट स्वीकृत हुए और 11 फैकल्टी-नेतृत्व वाले स्टार्टअप की स्थापना में सहयोग दिया गया।

दीक्षांत समारोह का दूसरा दिन 20 सितंबर 2026 को आयोजित होगा, जिसमें 1,424 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान और शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!