उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की, 2 सितंबर 2026। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति एवं अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में 1 और 2 सितंबर 1994 को खटीमा और मसूरी में उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष के दौरान शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी और क्षेत्रीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शहीदों की स्मृति में पौधरोपण भी किया गया।
सभा की अध्यक्षता उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष एवं रुड़की तहसील के प्रथम राज्य आंदोलनकारी हर्ष प्रकाश काला ने की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन को 26 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आंदोलन के दौरान हुए खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा कांड के दोषियों को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि शहीद आंदोलनकारियों के बलिदान को याद रखते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
काला ने कहा कि शहीदों के सम्मान और उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के विकास की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आंदोलनकारियों के अधिकारों और राज्य निर्माण के मूल उद्देश्यों को लेकर सरकारों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
समिति के केंद्रीय महामंत्री एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी प्रेम दत्त शर्मा ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और युवाओं के हितों की रक्षा तथा आम जनता के विकास के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था। उनके अनुसार इन मुद्दों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई और प्रदेश से पलायन की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने प्रदेश में भू-माफिया, खनन, शराब और होटल कारोबार से जुड़े प्रभावों पर चिंता जताते हुए सरकार से प्रभावी नियंत्रण की मांग की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य आंदोलनकारी एवं नगर पंचायत ढंडेरा के चेयरमैन सतीश नेगी ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए आंदोलनकारियों ने संघर्ष किया, उसकी पूर्ति के लिए आज भी प्रयास जारी रखने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर सतीश नेगी की ओर से शहीदों की स्मृति में पूर्वी केविन क्षेत्र में पौधरोपण किया गया। यहां नीम, जामुन और आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में चिन्हीकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों को जल्द चिन्हित करने की मांग भी उठाई गई। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि वंचित आंदोलनकारियों का शीघ्र चिन्हीकरण नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
श्रद्धांजलि सभा में सिताम्बरी नेगी, उमा नेगी, जिवानंद बुडाकोटी, प्रदीप बुडाकोटी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, शिव सिंह रावत, देव सिंह सांवत, रविंद्र सिंह पंवार, सत्यभामा जुगराण, शर्मिला कंडारी, आशा नेगी, विद्या नेगी, रमोती राणा, पवित्रा नेगी, शिव चरण बिंजौला, एचडी देवरानी, अनूप नेगी, आनंद सिंह रावत, सुभाष नगर से महिपाल सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही श्रद्धांजलि सभा का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय महामंत्री प्रेम दत्त शर्मा एडवोकेट ने किया।
