बिजली विभाग के जे ई और एसडीओ पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप किसानों ने दिया धरना, स्मार्ट मीटर और कनेक्शन काटने पर जताया विरोध
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की। बिजली विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और किसानों के कथित उत्पीड़न के विरोध में उत्तराखंड किसान मोर्चा ने मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंचे और विभाग की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई। किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने, बकाया बिजली बिल के नाम पर कनेक्शन काटे जाने तथा अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत को भी धरना स्थल पर बुलाया और उनके सामने किसानों की समस्याएं रखीं। किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने आरोप लगाया कि किसानों की आपत्तियों के बावजूद उनके घरों और प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की ओर से स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार आपत्तियां जताई जा रही हैं, इसके बावजूद विभाग द्वारा मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी है।
गुलशन रोड ने कहा कि बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर विभागीय कार्यालय पहुंचने वाले किसानों के साथ कुछ अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों से किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनका समयबद्ध तरीके से समाधान करने की मांग की। उनका कहना था कि किसानों और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होना जरूरी है।
धरने में किसानों के बिजली कनेक्शन काटे जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं ने कहा कि बकाया बिजली बिल के नाम पर किसानों के घरेलू और नलकूप कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों पर हजारों रुपये के बकाये को लेकर कार्रवाई की जाती है, जबकि बड़े उद्योगों पर भारी-भरकम बिजली बिल बकाया होने के बावजूद कार्रवाई को लेकर अलग-अलग परिस्थितियां नजर आती हैं।
किसानों ने विभाग के समक्ष पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसानों के नलकूपों की बिजली मुफ्त करने, किसानों के घरेलू और नलकूप कनेक्शन नहीं काटने, भ्रष्टाचार एवं अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई करने तथा अतिरिक्त सिक्योरिटी की राशि माफ करने की मांग की गई।
किसान मोर्चा ने अधिकारियों के साथ नियमित वार्ता के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाए जाने की मांग भी रखी। किसान नेताओं का कहना था कि यदि विभाग और किसानों के बीच नियमित संवाद रहेगा तो समस्याओं का समाधान आंदोलन के बजाय बातचीत के माध्यम से किया जा सकता है।
वहीं, अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने किसानों को आश्वासन दिया कि अभद्र व्यवहार से संबंधित शिकायतों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को चिन्हित किया जाएगा और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों के साथ समन्वय बनाकर बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान पवन त्यागी, सुरेंद्र नंबरदार, समीर आलम, आकिल हसन, सरदार जसबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, दुष्यंत, धर्मेंद्र सिंह, मनवर हसन, प्रवीण, आशीष, मोहम्मद इसरार, मोहम्मद आजम और चौधरी राजपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन को और तेज करने पर विचार करेंगे।



