UTU पेपर लीक मामला: कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के इस्तीफे की उठाई मांग
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 27 जुलाई। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU), देहरादून में बीटेक सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस गंभीर प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं एवं छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम उप जिलाधिकारी रुड़की के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में बीटेक थर्ड ईयर की दो सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही लीक हो गए। इससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ज्ञापन के अनुसार, मामले की जांच में सामने आया कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से प्रश्नपत्र साझा किए थे। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया तथा आरोपी को आगामी सात वर्षों तक परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला केवल एक कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी की विफलता को दर्शाता है। उनका आरोप है कि जब विश्वविद्यालय राज्य सरकार के अधीन संचालित होता है और उच्च शिक्षा विभाग इसकी नीतिगत एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाता है, तो इस प्रकार की घटना के लिए जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
ज्ञापन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई छात्र संगठनों, विशेष रूप से एनएसयूआई द्वारा उठाई गई मांगों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं छात्रों के परिश्रम के साथ अन्याय हैं। यदि समय रहते परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो छात्रों का विश्वास शिक्षा व्यवस्था से उठ जाएगा। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
(यह समाचार कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और उसमें किए गए दावों एवं मांगों पर आधारित है। उच्च शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कांग्रेस और संबंधित छात्र संगठनों द्वारा उठाई गई है।प्रदेश प्रवक्ता व पीसीसी सदस्य आशीष सैनी, सेवादल महानगर अध्यक्ष डॉ रणवीर नागर, सुधीर शांडिल्य सेवादल रुड़की ग्रामीण अध्यक्ष सुशील कश्यप, नवीन जैन, ईसा त्यागी, विपिन कुमार ओबीसी ग्रामीण अध्यक्ष सुहेल एड., मो. मुबश्शीर एड आदि उपस्थित रहे
