छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरेगी जन अधिकार पार्टी (ज), विशाल मशाल जुलूस में शामिल होकर एकजुट होने की सभी से की अपील
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा की कथित मौत और प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जन अधिकार पार्टी (ज) ने शुक्रवार को रुड़की में विशाल मशाल जुलूस निकालने का ऐलान किया है। पार्टी ने इसे छात्रों के अधिकारों, शिक्षा के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा जनआंदोलन बताया है। साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग भी उठाई जाएगी।
पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि मशाल जुलूस बीएसएम चौराहे से नगर निगम चौराहे तक निकाला जाएगा। इसमें पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, छात्रों, युवाओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। संगठन ने आम नागरिकों से भी अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाने की अपील की है।
जन अधिकार पार्टी (ज) के नेताओं का आरोप है कि जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया। उनका कहना है कि इस दौरान महिलाओं और छात्राओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक है। पार्टी का दावा है कि इस घटना में एक छात्रा की मौत हुई है, जिसे संगठन अत्यंत दुखद बताते हुए इसकी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहा है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि शिक्षा किसी भी लोकतांत्रिक देश की सबसे बड़ी ताकत होती है और छात्र देश के भविष्य के निर्माता हैं। यदि अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किया जाता है, तो यह लोकतंत्र और संविधान की भावना के विपरीत है। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
जन अधिकार पार्टी (ज) ने कहा कि संगठन हमेशा से भ्रष्टाचार, अन्याय और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करता आया है। पार्टी का कहना है कि छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ वह चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी। इसी उद्देश्य से मशाल जुलूस का आयोजन किया जा रहा है।
संगठन ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और जागरूक नागरिकों से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब देश का भविष्य माने जाने वाले युवा स्वयं असुरक्षित महसूस करें और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हों, तब समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व बनता है कि वह उनके साथ खड़ा हो।
पार्टी का कहना है कि यह मशाल जुलूस केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार, छात्र सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनआवाज है। संगठन ने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से छात्रों के समर्थन का मजबूत संदेश जाएगा और सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगी।
नोट: इस समाचार में जंतर-मंतर की घटना और छात्रा की मौत को लेकर किए गए दावे जन अधिकार पार्टी (ज) के आरोपों और बयान पर आधारित हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासन या जांच एजेंसियों द्वारा होना शेष है।


