October 16, 2026

हरिद्वार के होटल शांति हेरिटेज में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, एक्सपायरी दूध-ब्रेड का हो रहा था इस्तेमाल

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)

हरिद्वार, 16 अक्टूबर 2026। नवरात्र पर्व एवं चारधाम यात्रा के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों, होटलों और रेस्टोरेंटों के खिलाफ आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान सप्तऋषि चुंगी के पास स्थित होटल शांति हेरिटेज के किचन में एक्सपायरी तिथि के बाद के दूध और ब्रेड का इस्तेमाल भोजन तैयार करने में किए जाने का मामला सामने आया। इसके अलावा होटल के किचन में 120 किलोग्राम ऐसा आटा भी मिला, जिसके पैकेटों पर आवश्यक जानकारियां अंकित नहीं थीं। विभागीय टीम ने आटे को सीज कर दिया और एक्सपायरी दूध एवं ब्रेड को मौके पर ही नष्ट करा दिया।

### खाद्य सुरक्षा आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड के खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडे तथा जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, हरिद्वार महिमानंद जोशी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की।

अभियान के अंतर्गत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम हरिद्वार कैलाश चंद्र टम्टा ने भूपतवाला क्षेत्र में स्थित होटल शांति हेरिटेज का आकस्मिक निरीक्षण किया। होटल का संचालन परफेक्ट स्टेज होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

### एक्सपायरी दूध और ब्रेड से तैयार किया जा रहा था भोजन

निरीक्षण के दौरान होटल के किचन में भोजन तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले दूध और ब्रेड की जांच की गई। विभाग के अनुसार, मौके पर ऐसी खाद्य सामग्री मिली, जिसका उपयोग उसकी एक्सपायरी तिथि समाप्त होने के बाद भी किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा टीम ने लगभग 20 पैकेट दूध एवं ब्रेड को तत्काल नष्ट करा दिया।

खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षित उपयोग को लेकर विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए संबंधित होटल प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।

### 120 किलोग्राम आटा सीज, जांच के लिए लिया नमूना

होटल के किचन में 10-10 किलोग्राम आटे के कुल 12 सीलबंद कट्टे पाए गए। इन पर पैकिंग तिथि, एक्सपायरी तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), बैच नंबर और अन्य आवश्यक जानकारियां अंकित नहीं थीं।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक लेबल संबंधी जानकारियां उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने आटे का विधिक नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच कराने की प्रक्रिया अपनाई। इसके बाद शेष आटे के कट्टों को मौके पर ही सीज कर होटल प्रबंधन की अभिरक्षा में रखवा दिया गया।

### होटल प्रबंधन पर तीन लाख रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई प्रस्तावित

विभाग के अनुसार, एक्सपायरी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करने और आवश्यक लेबल संबंधी जानकारियों के अभाव वाले आटे को भोजन तैयार करने में उपयोग किए जाने के मामले में होटल के शेफ तथा नॉमिनी/डायरेक्टर के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत अधिकतम तीन लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान बताया गया है।

### जरूरी दस्तावेज भी नहीं दिखा सका होटल प्रबंधन

निरीक्षण के दौरान होटल प्रबंधन मौके पर मांगे जाने पर कई आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इनमें पेयजल जांच रिपोर्ट, भोज्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल संबंधी अभिलेख, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, खाद्य पदार्थों की खरीद के बिल, कंपनी का एमओयू, रेजोल्यूशन, फॉर्म-9 और होटल की लीज डीड शामिल हैं।

विभाग ने होटल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वह सभी आवश्यक दस्तावेज एक सप्ताह के भीतर विभागीय कार्यालय में प्रस्तुत करे।

### खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर जारी रहेगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारों और चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं यात्रियों के आगमन को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। विभाग द्वारा होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।

अधिकारियों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता और यात्रियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।

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