पूर्व मेयर गौरव गोयल ने किया रामलीला का शुभारंभ, बोले- भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है रामलीला
(ब्योरो दिलशाद खान KNEWS 18)
रुड़की। डंढेरा स्थित देवभूमि श्रीराम धार्मिक एवं सांस्कृतिक ट्रस्ट रजि. द्वारा आयोजित रामलीला का शुभारंभ पूर्व मेयर गौरव गोयल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग, संस्था के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। रामलीला के दौरान कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय और प्रभावशाली संवादों से दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
माता सीता हरण के बाद भगवान श्रीराम ने शुरू की खोज
रामलीला में कलाकारों ने माता सीता के हरण के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा उनकी खोज में निकलने का प्रसंग प्रस्तुत किया। माता सीता के वियोग में भगवान श्रीराम व्याकुल होकर उनकी तलाश करते हैं। इसी दौरान रास्ते में उन्हें घायल अवस्था में जटायु मिलते हैं। जटायु भगवान श्रीराम को रावण द्वारा माता सीता के हरण की पूरी घटना बताते हैं। यह सुनकर भगवान श्रीराम भावुक हो जाते हैं और जटायु के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उनका उद्धार करते हैं। इसके बाद वे माता सीता की खोज में आगे बढ़ जाते हैं।
कलाकारों ने इस पूरे प्रसंग को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विशेष रूप से जटायु और भगवान श्रीराम के संवादों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। मंचन के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते नजर आए। कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
रामलीला भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा: गौरव गोयल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मेयर गौरव गोयल ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से लोगों को भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, मर्यादाओं और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से जानने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके जीवन से हमें सत्य, त्याग, प्रेम, धैर्य, अनुशासन और मर्यादा के मार्ग पर चलने की सीख मिलती है। प्रत्येक व्यक्ति को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम
गौरव गोयल ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराया जाता है। ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक संदेश देने के साथ ही लोगों को एकजुट करने का काम भी करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए धार्मिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संस्था ने पूर्व मेयर का किया सम्मान
इस अवसर पर पूर्व मेयर गौरव गोयल ने क्षेत्रवासियों और संस्था के सदस्यों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने संस्था को सहयोग राशि भी भेंट की। कार्यक्रम में डंढेरा नगर पंचायत के चेयरमैन सतीश नेगी और संस्था के पदाधिकारियों ने पूर्व मेयर गौरव गोयल का सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र रावत ने किया। रामलीला के आयोजन में संस्था के सदस्यों और क्षेत्रवासियों की सहभागिता रही। देर रात तक चले मंचन के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते रहे और पूरा आयोजन धार्मिक उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुआ।
