आईआईटी रुड़की और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने मिलाया हाथ, स्वदेशी रक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई रफ्तार
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की/देहरादून, 5 अक्टूबर 2026। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) और रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत सरकार के उद्यम इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने स्वदेशी रक्षा अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों संस्थानों के बीच देहरादून में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य रक्षा अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, क्षमता निर्माण और उद्योग-शैक्षणिक सहभागिता को मजबूत करना है।
समझौता ज्ञापन के तहत आईआईटी रुड़की की शैक्षणिक एवं बहुविषयक अनुसंधान क्षमताओं को इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की रक्षा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाएगा। दोनों संस्थान नवाचार, स्वदेशीकरण, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, संयुक्त अनुसंधान तथा पारस्परिक हित से जुड़ी अन्य गतिविधियों में सहयोग करेंगे।
रक्षा जरूरतों से जुड़ेगा अकादमिक अनुसंधान
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि यह सहयोग शैक्षणिक अनुसंधान को भारत की रणनीतिक रक्षा आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की की बहुविषयक अनुसंधान क्षमताएं इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की विशेषज्ञता के साथ मिलकर संयुक्त अनुसंधान, छात्र सहभागिता और तकनीकी विकास के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने के लिए स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास पर जोर दिया।
भविष्य की रक्षा तकनीकों पर फोकस
इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शर्मिष्ठा कौल शर्मा ने कहा कि आईआईटी रुड़की के साथ यह साझेदारी स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक सहयोग महत्वपूर्ण रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने, उभरती प्रौद्योगिकियों का अध्ययन करने और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए भविष्य के लिए तैयार समाधान विकसित करने में मदद करेगा।
इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल तकनीक में सहयोग
इस साझेदारी के माध्यम से आईआईटी रुड़की की अनुसंधान अवसंरचना और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ रक्षा क्षेत्र में उठाया जाएगा। इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड भारतीय सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के लिए इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर प्रणालियों, हथियार दृष्टि प्रणालियों, संचार उपकरणों और रक्षा ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के विकास में विशेषज्ञता रखती है। ऐसे में दोनों संस्थानों का सहयोग स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के अनुसंधान एवं विकास को नई दिशा दे सकता है।
MoU पर अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर
समझौता ज्ञापन पर आईआईटी रुड़की की ओर से डीन, प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श (SRIC) प्रो. विवेक कुमार मलिक और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की ओर से मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) नितेश गोयल ने हस्ताक्षर किए।
हस्ताक्षर समारोह में इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की ओर से निदेशक (वित्त) विशाल गर्ग और निदेशक (संचालन) शंभु शर्मा मौजूद रहे। वहीं आईआईटी रुड़की की ओर से एसोसिएट डीन, नवाचार एवं इनक्यूबेशन प्रो. तरुण शर्मा तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख प्रो. संजीव मनहास सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह साझेदारी भारत में रक्षा अनुसंधान एवं नवाचार के मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके माध्यम से शैक्षणिक अनुसंधान और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के बीच सहभागिता बढ़ेगी तथा स्वदेशी तकनीकों के विकास, युवा शोधकर्ताओं की भागीदारी और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
