शहर में बेखौफ निर्माणाधीन इमारत ने खड़े किए सवाल,HRDA की जांच पर नजर शहर के बीच निर्माण की रफ्तार तेज
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की। शहर के बीचों-बीच एक निर्माणाधीन भवन को लेकर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके से सामने आई तस्वीरों में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। भवन में ईंटों की दीवारों से लेकर ऊपरी मंजिल का ढांचा तक तैयार होता नजर आ रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि निर्माण कार्य शुरू होने से अब तक संबंधित विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है या नहीं।
भवन निर्माण के लिए स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन जरूरी होता है। ऐसे में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या उक्त निर्माण के लिए संबंधित प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति ली गई है और क्या मौके पर किया जा रहा निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप है। इन सवालों का स्पष्ट जवाब संबंधित विभाग के अभिलेखों और मौके के निरीक्षण के बाद ही सामने आ सकता है।
निर्माण तेजी से बढ़ा, निगरानी पर सवाल
मौके की तस्वीरों के अनुसार निर्माण कार्य खुले तौर पर जारी है। निर्माणाधीन भवन का ढांचा लगातार आकार ले रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि निर्माण नियमों के अनुरूप है तो उसकी स्वीकृति और मानचित्र की स्थिति क्या है। वहीं, यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विभाग ने अब तक क्या कार्रवाई की है।
HRDA की भूमिका पर उठ रहे सवाल
शहर में भवन निर्माण और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने की जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरण की होती है। समय-समय पर निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण कर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या इस निर्माण स्थल का निरीक्षण HRDA अधिकारियों द्वारा किया गया है।
स्वीकृत नक्शा और अनुमति की स्थिति क्या?
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल निर्माण के स्वीकृत नक्शे को लेकर है। क्या भवन का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत है? क्या मौके पर उसी के अनुसार निर्माण किया जा रहा है? क्या निर्माणकर्ता के पास आवश्यक अनुमति और दस्तावेज मौजूद हैं? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
निर्माण पूरा होने के बाद कार्रवाई क्यों?
शहर में अक्सर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अनियमितताओं की जांच या कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि यदि किसी निर्माण में नियमों के उल्लंघन की आशंका है तो निर्माण पूरा होने से पहले ही उसकी जांच की जाए। इससे भविष्य में विवाद और कार्रवाई की स्थिति से बचा जा सकता है।
KNEWS18 के सीधे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर HRDA से सवाल है कि संबंधित निर्माण स्थल का अब तक निरीक्षण किया गया है या नहीं। यदि निरीक्षण हुआ है तो उसकी रिपोर्ट क्या है? निर्माण का नक्शा स्वीकृत है या नहीं? क्या निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप हो रहा है? यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो प्राधिकरण की ओर से नियमानुसार क्या कदम उठाया जाएगा?
अब HRDA के जवाब का इंतजार
फिलहाल मौके पर जारी निर्माण कार्य को लेकर तस्वीरें कई सवाल जरूर खड़े कर रही हैं, लेकिन निर्माण वैध है या नियमों के विपरीत—इसका अंतिम निष्कर्ष संबंधित दस्तावेजों और HRDA की आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगा। इसलिए मामले में प्राधिकरण का पक्ष बेहद महत्वपूर्ण है।
KNEWS18 का उद्देश्य किसी व्यक्ति या निर्माणकर्ता पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि शहर में भवन निर्माण से जुड़े नियमों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर जवाबदेही का सवाल उठाना है। अब देखना होगा कि HRDA इस निर्माण स्थल का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।
KNEWS18 की पड़ताल जारी है। सवाल साफ है—निर्माण खड़ा होने से पहले नियमों की जांच होगी या कार्रवाई का इंतजार निर्माण पूरा होने तक किया जाएगा?
